फर्जी मस्टर डालकर निकाल रहे हैं राशी, सरपँच सचिव के द्वारा की जा रही है वित्तीय अनिमिता
तेंदुखेड़ासरकार के द्वारा ग्रामीण विकास के लिये तरह तरह की योजनाएं संचालित कडती है जिसमे उसका लाखो रुपये खर्च होता...
तेंदुखेड़ासरकार के द्वारा ग्रामीण विकास के लिये तरह तरह की योजनाएं संचालित कडती है जिसमे उसका लाखो रुपये खर्च होता...
महाराष्ट्र नंदुरबार नंदुरबार - सड़कें, बड़ी म्युनिसिपल बिल्डिंग्स, और नंदुरबार बहुत दूर का इलाका होने के बावजूद, यहां म्युनिसिपल का...
भोपाल हाई कोर्ट की नाराजगी के बाद… नीट पीजी का नया सीट चार्ट जारीनीट पीजीः अब 50% सीटें ऑल इंडिया...
दमोह: 25 नवम्बर 2025 कलेक्टर समाधान कार्यक्रम अंतर्गत सीएम हेल्पलाईन शिकायतों की कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने समीक्षा करते हुये जिले...
दमोह : 25 नवम्बर 2025 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण...
जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आये नागरिकों की समस्याओं को कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक 10 में...
दमोह: 26 नवम्बर 2025 प्रदेश के ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने के उद्देश्य से पशुपालन...
दमोह: 26 नवम्बर 2025 मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता क्विज-2025 (ऑफलाईन) प्रतियोगिता का आयोजन 25 नवम्बर को शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दमोह...
उसकी लम्बाई, चौडाई, तथा खेतों में उसके पदचिन्ह देखे जाने के आधार पर की जा सकती है दमोह: 26 नवम्बर 2025 वनमंडलाअधिकारी ईश्वर जरांडे...
दमोह: 26 नवम्बर 2025 शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाने सांस कार्यक्रम के तहत आज कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सभाकक्ष में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जलज बजाज ने ब्लॉक स्तर पर कार्यरत मेडिकल ऑफीसर, आर.बी.एस.के. चिकित्सक, सीएचओ, एएनएम को नवजात एवं 5 साल से कम उम्र के बच्चों में मृत्यु दर को कम करने तथा बीमारियों के प्रबंधन तथा रोकथाम के संबंध में प्रशिक्षित किया । प्रशिक्षण दौरान डॉ. बजाज ने निमोनिया के लक्षणों की शीघ्र पहचान एवं उपचार, जन्म के एक घंटे के भीतर एवं शुरूवाती छः माह तक केवल स्तनपान का महत्व, संक्रमण को कम करने में प्रभावी एण्टीबायोटिक औषधि के उपयोग के संबंध में उन्मुखीकरण किया । साथ ही जोखिम वाले बच्चों की शीघ्र पहचान, प्रारंभिक उपचार एवं समय पर रेफरल, ऑक्सीजन सेचुरेशन तथा समुदाय स्तर पर गृह भेंट कर शिशु के स्वास्थ्य पर निगरानी एवं समुचित प्रबंधन के संबंध में सभी महत्वपूर्ण बातों को साझा किया गया। प्रशिक्षण दौरान समुदाय स्तर पर 5 साल तक के बच्चों के अभिभावकों को निमोनिया एवं बाल्यकाल में दिखाई देने वाले संक्रमण एवं अन्य जोखिम लक्षणों की पहचान के बारे में जागरूकता बढ़ाने के संबंध में बताया गया।