योजना से जिले में दुग्ध उत्पादन को नई दिशा मिलेगी तथा किसानों कीआय में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी80 हितग्राहियों को 160 मुर्रा नस्ल की भैस वितरण का लक्ष्य निर्धारित9 चयनित हितग्राहियों को 18 मुर्रा भैंसें वितरित
दमोह: 26 नवम्बर 2025
प्रदेश के ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने के उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना प्रभावी रूप से संचालित की जा रही है। इसी क्रम में दमोह जिले में रोजगार सृजन एवं दुग्ध उत्पादन वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिले के 9 चयनित हितग्राहियों को 18 मुर्रा भैंसें पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री लखन पटेल के निर्देशन में भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे एवं लोकेन्द्र पटेल द्वारा वितरित की गई।योजना के तहत अगले चरण में मुर्रा भैंस क्रय हेतु जिले के अन्य 9 हितग्राहियों का दल पशु चिकित्सा अधिकारी के साथ रोहतक (हरियाणा) के लिए रवाना हो चुका है, जहाँ वे उच्च दुग्ध उत्पादन वाली भैंसों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर चयन करेंगे। शेष चयनित हितग्राहियों को भी अगले सप्ताह के अंत तक रोहतक भेजा जाएगा।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष ने बताया मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके अंतर्गत जिले के 80 हितग्राहियों को 160 मुर्रा नस्ल की भैस वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना से जिले में दुग्ध उत्पादन को नई दिशा मिलेगी तथा किसानों की आय में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
इस दौरान लोकेंद्र पटेल (लकी भैया) ने बताया मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना का यह चौथा चरण है। इस चरण में लगभग 45 किसानों को दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु प्रति हितग्राही दो भैसें प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा राज्यमंत्री लखन पटेल का उद्देश्य दमोह को दुग्ध क्रांति से जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा राज्य में दुग्ध क्रांति लाने के संकल्प को पूरा करने के लिए विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. वी.के. असाटी ने बताया कि सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के पशुपालकों को 50 प्रतिशत अनुदान 1,47,500 रूपये तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के पशुपालकों को 75 प्रतिशत अनुदान 2,21,250 रूपये की राशि प्रदान की जाती है। योजना के तहत लाभार्थी उच्च अनुवांशिक गुणवत्ता वाली दो दुधारू मुर्रा भैंसें लगभग 2,64,000 रूपये मूल्य की क्रय कर सकते हैं। योजना में पशु बीमा, परिवहन व्यय, आवास एवं भोजन व्यय, भ्रमण एवं यात्रा व्यय भी सम्मिलित है, इस प्रकार योजना की कुल इकाई लागत 2,95,000 रूपये निर्धारित की गई है। जिले के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 80 हितग्राहियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें 60 हितग्राही सामान्य वर्ग से, 20 हितग्राही अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग से शामिल किए जाएंगे।

