फर्जी मस्टर डालकर निकाल रहे हैं राशी, सरपँच सचिव के द्वारा की जा रही है वित्तीय अनिमिता
तेंदुखेड़ासरकार के द्वारा ग्रामीण विकास के लिये तरह तरह की योजनाएं संचालित कडती है जिसमे उसका लाखो रुपये खर्च होता है।सरकार के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रो के विकास के लिये सड़के नालियां खेल मैदान, आंगनवाड़ी भवन स्कूल,स्कूल भवन, तालाब स्टापडेम, तालाब आदि बनवाती है इन निर्माण कार्यो के लिये सरकार सामग्री खरीदने के लिये पैसे देती है ओर निर्माण कार्य करने के लिये मनरेगा योजना के तहत मजदूरी का पैसा भी देते हैं जिसके लिये ग्राम पंचायत के द्वारा जितने मजदूर काम करते हैं उनकी सुबह कार्यस्थल पर फोटो मनरेगा पोर्टल पर अपलोड की जाती है।और शाम को उसी कार्यस्थल पर काम कर रहे मजदूरों की फोटो अपलोड की जाती है फिर बाद में शासन के द्वारा इनकी मजदूरी इनके खातों में दे दी जाती है इस नियम है, लेकिन कुछ ग्राम पंचायत मनरेगा नियमो की अनदेखी करती है ओर जमकर फर्जी बाड़ा करती है।ऐसा ही एक मामला तेंदुखेड़ा मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत झालोन में देखने को मिला है जहाँ पर सरपँच एवं सचिव के द्वारा नाली निर्माण कार्य मे फर्जी फोटो अपलोड करके फर्जी तरिके से राशि आहरण करने का कार्य किया जा रहा है। ग्राम पंचायत झालोन में एक नाली निर्माण कुंदन लाल जैन के घर से शिव लाल अहिरवार के घर की ओर हो रहा है।स्थानीय निवासियों ने बताया है कि यह नाली ल्गभग दो माह पहले बन चुकी है जिसमे करीब चार पांच मजदूरों के द्वारा तीन चार दिनों में बना दी थी।ओर ग्राम पंचायत के द्वारा अभी20-20मजदूरों का फर्जी मस्टर भरकर फर्जी तरीक़े से हाजिरी डालकर रहे और सरकार का हजारो रुपये फर्जी तरीके से आहरण करने का काम कर रहे हैं।लोगो ने बताया है कि मनरेगा पोर्टल में डले दिनाक 8/11/25के मस्टर क्रामक 13915, 13914 के तहत इसी काम की हाजिरी डाली गई है और फोटो भी डाली गई है जबकि कोई काम मोके पर नही चल रहा है।और जिन लोगो के मास्टर डाले गए हैं वे सरपँच के करीबी है सबसे बड़ी बात जिन लोगो की तस्वीर अपलोड की गई है वह दोनो मस्टरों की एक सी है लेकिन महिला मजदूर उसमे एक भी नही है जबकि मस्टर में कई महिला मजदूरों के नाम है। ओर जिन लोगो की फोटो अपलोड हुई है और जिन मजदूरों के नाम का मास्टर है वे अलग अलग है।फोटो किसी ओर की ओर नाम किसी ओर का,जिससे स्पष्ट होता हैं कि सरपँच सचिव के द्वारा खुले आम भ्रस्टाचार किया जा रहा है ,जब नाली दो माह पहले बन चुकी to उसको कागजो में अभी तक क्यो चलाया जा रहा है और अभी तक फर्जी तरीके से राशि निकाली जा रही हैं, जब सब कुछ ऑनलाइन हो रहा है फिर भी कोई अधिकारी इस पर संज्ञान नही ले रहा है।लोगो ने आरोप लगाया है कि गांव के लोग रोजगार की तलाश में दूसरे जिलों में बाहर जा रहै है और इहा कागजो में लोगो मे रोजगार मिल रहा है।लोगो ने शासन से अपील की है की ग्राम पंचायत द्वारा चल रहे सभी मस्टर की निष्पक्ष जांच की जाए और जब काम नही हो रहा है तो आहरित राशि की बसूली भी की जाए।पंचायत के अधिकारियों को फोन लगाते हैं तो एक दूसरे पर अपनी जिम्मेदारी थोपते नजर आ रहे हैं।
सचिव इमरत सिंह लोधी को फोन लगाया तो उन्होंने बताया कि में सस्पेंड हु रोजगार सहायक राकेश जैन से बात करे, राकेश जैन ने बताया है कि अभी नए सचिव चंद्रभान दुबे आ गए हैं उनसे बात करे, चन्द्र भान दुबे को फोन लगाया तो उन्होंने बताया कि मैने अभी चार्ज नही लिया है
