आज से प्रवेश उत्सव शुरू, लेकिन जर्जर शाला भवन की मरम्मत अधर में; एक वर्ष से पंचायत खाते में पड़ी है राशि

तेंदूखेड़ा। प्रदेशभर में आज से प्रवेश उत्सव के साथ नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो रही है, लेकिन तेंदूखेड़ा विकासखंड की कई शालाओं में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कहीं छत टपक रही है तो कहीं दीवारें क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे ही हालात जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा की ग्राम पंचायत झमरा की माध्यमिक शाला में देखने को मिल रहे हैं, जहां भवन मरम्मत के लिए स्वीकृत राशि एक वर्ष से अधिक समय से पंचायत खाते में होने के बावजूद काम शुरू नहीं हो सका है।
प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अंतर्गत ग्राम झमरा की माध्यमिक शाला की मरम्मत के लिए 3.50 लाख रुपये की राशि 14 अप्रैल 2025 को स्वीकृत की गई थी। निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत को बनाया गया था, लेकिन अब तक मरम्मत कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया है। इस बीच बारिश का मौसम शुरू हो चुका है और शाला में प्रवेश उत्सव के साथ बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ने लगी है।
छत से झड़ रहा प्लास्टर, बारिश में टपकते हैं कमरे
स्थानीय लोगों के अनुसार शाला भवन की छत से लगातार पानी टपकता है और प्लास्टर पूरी तरह उखड़ चुका है। शाला गांव के बाहर स्थित है और आसपास कोई वैकल्पिक भवन भी उपलब्ध नहीं है, जिससे बच्चों को अन्यत्र बैठाने की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पर्याप्त समय होने के बावजूद पंचायत ने मरम्मत कार्य नहीं कराया और अब स्कूल शुरू होने के बाद निर्माण कार्य कराना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।
85 बच्चों की पढ़ाई पर संकट
माध्यमिक शाला झमरा के प्रभारी प्राचार्य श्याम लाल अहिरवार ने बताया कि शाला में 85 विद्यार्थी दर्ज हैं तथा भवन में दो कक्ष और एक कार्यालय है। तीनों कमरों की छत का प्लास्टर उखड़ चुका है और पिछले करीब दो वर्षों से यही स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भवन की स्थिति को देखते हुए हादसे का डर बना रहता है। सरपंच को कई बार मरम्मत कराने के लिए कहा गया, लेकिन हर बार मजदूर नहीं मिलने का कारण बताया गया।
ग्रामीणों ने जताई अनियमितता की आशंका
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में विकास कार्यों की गति काफी धीमी है। उनका कहना है कि खमतरा गांव में श्मशान की बाउंड्रीवाल का निर्माण पूरा किए बिना ही राशि निकाले जाने के आरोप लगे थे। ऐसे में आशंका है कि कहीं शाला मरम्मत की राशि भी बिना कार्य कराए खर्च न दिखा दी जाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि अगले एक-दो माह तक शाला का संचालन गांव के भीतर किसी सुरक्षित स्थान पर कराया जाए और इस दौरान भवन की मरम्मत तत्काल कराई जाए।
सरपंच बोले- कल से शुरू होगा काम
ग्राम पंचायत झमरा के सरपंच युवराज सिंह यादव का कहना है कि गांव में दो माध्यमिक शाला भवन हैं, जिनमें से एक अधिक क्षतिग्रस्त है और एक कम। अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिली थी कि किस भवन की मरम्मत कराई जानी है, लेकिन अब बुधवार से कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा यह मामला अत्यंत गंभीर है और प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर शाला भवन की मरम्मत सुनिश्चित करानी चाहिए, ताकि नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

