दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला जीतने के लिये भारत की नजरें कोहली. रोहित की जोड़ी पर
ड्रेसिंग रूम के माहौल को लेकर अफवाहों के बीच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बुधवार को दूसरा वनडे और श्रृंखला जीतने...
ड्रेसिंग रूम के माहौल को लेकर अफवाहों के बीच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बुधवार को दूसरा वनडे और श्रृंखला जीतने...
अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस… हाई कोर्ट व सामाजिक न्याय विभाग के निर्देश, पर भर्ती ही नहीं हो रही मप्र में दिव्यांगों...
भारतीय नौसेना की आक्रामक तैनाती से हालत यह पैदा हो गए थे कि पाकिस्तानी जंगी पोत बाहर का रुख ही...
बड़े समझौते की तैयारी 4-5 दिसंबर को भारत में रहेंगे रूसी राष्ट्रपति रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर को...
लक्ष्मणरैकवार दमोह। जबेरा विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने अपनी पक्की सड़क पर दण्डवत करते हुए करीब 40 किलोमीटर लंबी...
ड्राई फ्रूट सेहत के लिए फायदेमंद होता है यह बात किसी से छिपी नहीं है लेकिन आज हम किशमिश के...
कलेक्टर श्री कोचर ने गतरात्रि किया रैन बसेरों का औचक निरीक्षण लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही करने दिये...
दमोह: 01 दिसंबर 2025 मध्यप्रदेश शासन एवं संस्कृति विभाग द्वारा गौंड सभ्यता के महानायकों के जीवन, शौर्य और योगदान को जन-जन तक...
हल्दी पाउडर,तिल तेल एवं भूना चना के लिए गए नमूने,गुणवत्ता जांच हेतु खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए नमूनें दमोह: 01 दिसंबर 2025...
जिला क्षय केन्द्र में ’’व्यवधान पर काबू पाना, एड्स प्रतिक्रिया में बदलाव लाना’’ कार्यशाला दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. अठया ने कहा कि वर्तमान समय में एआरटी (एन्टी रेट्रो वायरस थैरेपी) एचआईव्ही उपचार का सबसे प्रभावी और स्थाई तरीका माना जाता है। सही ईलाज और समय पर थैरेपी के साथ एचआईव्ही को एक लंबे समय तक नियंत्रित रखा जा सकता है। डॉ. अठया ने कहा कि स्वस्थ संतुलित आहार लेना, तम्बाकू और शराब से दूरी बनाना, रोजाना व्यायाम करना, नियमित स्वास्थ्य जांच कराना अत्यंत लाभकारी है। ये सभी आदतें उनकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार करता है। डॉ. गौरव जैन ने एचआईव्ही से बचाव एवं एचआईव्ही/एड्स रोकथाम हेतु जिले में की जा रही गतिविधियों की जानकारी दी गई। इस दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा एचआईव्ही बचाव के संबंध में संदेश देते हुए पोस्टर भी आकर्षण का केन्द्र रहे। कार्यशाला में एकलव्य विश्वविद्यालय, पी.जी. कॉलेज, के.एन. कॉलेज एवं सीआईसीएम के छात्र-छात्रा शमिल रहे। इस दौरान परामर्शदाता दिनेश असाटी, आईसीटीसी परामर्शदाता चेतना नायक एवं तुमुल समग्र विहान परियोजना के प्रतिनिधि मौजूद रहे।