पारंपरिक देशी पशुओं के स्थान पर ‘मुर्रा’ नस्ल की भैंस और ‘साहीवाल’ नस्ल की गाय जैसी उन्नत नस्लों को अपनाने से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के साथ पशुपालकों की आय भी बढ़ाई जा सकेगी-संभागायुक्त श्री सुचारी
हेल्पलाइन नंबर 1962 पर कॉल कर पशुपालक अपने घर पर ही पशु चिकित्सा एम्बुलेंस सेवा बुला सकते हैं कलेक्टर श्री...
