पिछड़े वर्ग का कॉलम न देना लेकिन जाति का कॉलम देना संविधान एवं पिछड़े वर्ग के आरक्षण को नष्ट करेगा और जातिवाद को बढ़ाएगा

जबलपुर, आज, अम्बेडकर चौक जबलपुर में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा एवं भारत मुक्ति मोर्चा के द्वारा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के पहले चरण में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें कार्यरताओं ने कहा कि सरकार जाती की गिनती कर रही है और किस जाति की कितना जनसंख्या कितनी है और भारत की कुल आबादी का कितना हिस्सा ओबीसी वर्ग का है ? इस सवाल के जवाब के लिए कोई भी मापदंड नहीं अपनाया जा रहा क्योंकि जनगणना के दूसरे चरण में प्रश्नावली में ओबीसी का ऑप्शन नहीं दिया गया है और जातियों की गिनती के लिए ओपन कॉलम व्यवस्था की गई है इससे जनगणना के आंकड़े भ्रमित करने वाले आएंगे क्योंकि जैसा अनियंत्रित “ओपन कॉलम” कांग्रेस की सरकार ने 2011 की सर्वे मे देकर आंकड़े कलेक्ट किए थे जिसमें 46.7 लाख जातियां आयी और सरकार ने भ्रमित करने वाले आंकड़े बता कर उसको जारी करने से मना कर दिया था और पिछड़े वर्ग के साथ धोखाधड़ी की थी ठीक वैसे पद्धति बीजेपी RSS की सरकार के द्वारा इस जनगणना 2026 में उपयोग करके फिर पिछड़े वर्ग के साथ दोखेबाजी की जा रही है। संगठन की मांग है जैसे sc st के अलग से ऑप्शन दिए जाते है वैसे ही ओबीसी का भी अलग से ऑप्शन दिया जाय और जिस पद्धति से SC -st की जनगणना होती है उसी पद्धति से पिछड़े वर्ग की जनगणना की जाय। राज्यवार आधिकारिक एवं व्यापक मास्टर जाती निर्देश तैयार की जाए, प्रत्येक जाति को विशिष्ट कोड दिया जाय, सूचीबद्ध एवं स्थानीय जातियों के सत्यापन के लिए स्पष्ट संस्थागत व्यवस्था बनाई जाए। जाती संबंधी डेटा के संग्रह , सत्यापन एवं संकलन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित एवं आॉडिट योग्य बनाया जाए। मांगे पूरी न होने पर 02 सितम्बर के बाद को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन फिर अगले चरण 5000 तहसीलों में आंदोलन किया जाएगा ।आंदोलन में मुख्य रूप से इंजी प्रवीण गजभिए, रमन पटेल, रामराज पटेल , विनोद पटेल, देवकरण कुशवाहा, एड मधुसूदन पटेल, एड रविकांत भगत, एड परमानंद साहू ,लक्ष्मी नारायण पटेल,विनय भगत, अनिल वंशकार, , कृष्णा चौधरी ,सुरेश मेहरा, मल्लू चौधरी, दीपक पटेल, मोहित पटेल, मान सिंह टेकाम, सुशील, जितेंद्र , रईस खान, मेंहदी हसन,चंद्रशेखर अर्कुडे,राहुल बौद्ध, चिंतामन चितखेड़े , ब्रजेश उक्के , महेंद्र घोड़ेसवर, किशोर बंजारी, हरिदास निकोचेआदि उपस्थित रहे ।

