यात्री प्रतीक्षालय क्षतिग्रस्त, मरम्मत नहीं हुई तो चोरी का भी खतरा

तेंदूखेड़ा। सागर-जबलपुर स्टेट हाईवे पर यात्रियों की सुविधा के लिए कंपनी द्वारा जगह-जगह लोहे के यात्री प्रतीक्षालय बनाए गए हैं। इन प्रतीक्षालयों में राहगीर बारिश, गर्मी, धूल और आंधी से बचने के साथ बस का इंतजार कर सकते हैं। एक प्रतीक्षालय में करीब आठ से दस लोग आसानी से बैठ सकते हैं।
इन प्रतीक्षालयों को बने करीब आठ वर्ष से अधिक का समय हो चुका है, जिसके चलते कई जगह इनके ढांचे अब मरम्मत मांग रहे हैं। तेंदूखेड़ा में गुरैया नदी के किनारे खेर माता मंदिर के सामने बना यात्री प्रतीक्षालय भी जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। इसका एक लोहे का खंभा टूटकर अलग हो गया है, जबकि ऊपर लगी चादर भी निकल रही है। यदि समय रहते इसकी वेल्डिंग और आवश्यक मरम्मत नहीं कराई गई तो प्रतीक्षालय के और अधिक क्षतिग्रस्त होने के साथ इसके गिरने का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थान तेंदूखेड़ा के नजदीक होने के कारण सुबह-शाम बुजुर्ग और महिलाएं घूमने के लिए आते हैं और यहां बैठकर कुछ देर आराम करते हैं। वहीं रामादेही, हर्रई, बम्होरी और अमवाही सहित आसपास के गांवों से बाजार-हाट के लिए पैदल आने वाले ग्रामीण भी इस प्रतीक्षालय में कुछ देर रुकते हैं।

लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि क्षेत्र में चोरी की घटनाएं बढ़ने के बीच क्षतिग्रस्त लोहे के ढांचे की सुरक्षा भी जरूरी है। स्थानीय लोगों ने संबंधित कंपनी और जिम्मेदार विभाग से यात्री प्रतीक्षालय की तत्काल मरम्मत कराने तथा टूटे खंभे को वेल्डिंग कराकर ढांचे को सुरक्षित करने की मांग की है, ताकि यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका भी न रहे।
