क्षतिग्रस्त केबल में लकड़ी बांधकर काम चला रहा विद्युत विभाग, ग्रामीण बोले- सर्विस टैक्स लेने के बाद भी सुविधा नहीं

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तेंदूखेड़ा। बिजली उपभोक्ताओं से नियमित रूप से बिल और विभिन्न शुल्क वसूलने के बावजूद विद्युत व्यवस्था की बदहाली ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानी का कारण बनी हुई है। हर्रई विद्युत वितरण केंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम हिनोति सर्रा से बिजली व्यवस्था की ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं, जहां क्षतिग्रस्त केबल को बदलने के बजाय विद्युत कर्मियों द्वारा उसे लकड़ी के सहारे बांधकर काम चलाया जा रहा है।

ग्राम पंचायत के सरपंच राजेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि गांव में बिजली के खंभों पर लगी केबल काफी पुरानी हो चुकी है। लंबे समय से धूप और बारिश के संपर्क में रहने के कारण कई स्थानों पर केबल की बाहरी परत चिपकने और खराब होने लगी है। इसके चलते आए दिन फाल्ट होते हैं और बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। सरपंच के अनुसार लगभग पूरे गांव में केबल खराब स्थिति में पहुंच चुकी है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई परिवारों को बिजली के लिए अपने घरों से ट्रांसफार्मर तक निजी तार खींचकर काम चलाना पड़ रहा है। जिन घरों की दूरी अधिक है, वहां तार गिर जाने से रात-रातभर बिजली बंद रहती है। बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ ग्रामीणों को गर्मी और रात के समय भी परेशानी उठानी पड़ती है।

ग्रामीण तुलसी अठ्या ने बताया कि उनके घर के सामने लगी केबल कई बार चिपक चुकी है। विद्युत कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त हिस्से को अलग-अलग कर लकड़ी के सहारे बांध दिया, लेकिन अभी तक नई केबल नहीं डाली गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में कई स्थानों पर इसी तरह जुगाड़ के सहारे विद्युत व्यवस्था संचालित की जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर उपभोक्ताओं से बिजली बिल और सर्विस के नाम पर शुल्क लिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उन्हें सुचारु विद्युत आपूर्ति के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में लंबे समय से पुरानी केबल होने के बावजूद नई केबल डालने की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

हालांकि ग्रामीणों द्वारा केबल की निर्धारित अवधि को लेकर लगाए गए दावों की पुष्टि संबंधित तकनीकी नियमों से किया जाना बाकी है।

इस संबंध में कनिष्ठ अभियंता शिव दयाल अहिरवार ने बताया कि गांव की केबल खराब हो चुकी है। इसका एस्टीमेट तैयार किया गया है और राशि उपलब्ध होते ही केबल बदलवा दी जाएगी।

ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय पूरे गांव की खराब केबल का निरीक्षण कराकर नई केबल जल्द से जल्द डाली जाए, ताकि बार-बार होने वाले फाल्ट और बिजली कटौती से ग्रामीणों को राहत मिल सके।

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