प्राथमिक शाला मांझा में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, परेशान हो रहे बच्चे और शिक्षक

तेंदूखेड़ा। आजादी के 80 वर्ष बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत पोंडी के आश्रित ग्राम मांझा की प्राथमिक शाला का सामने आया है, जहां सुविधाओं की कमी के चलते विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शाला प्रभारी माधव सिंह गोंड ने बताया कि विद्यालय में वर्तमान में करीब 25 विद्यार्थी दर्ज हैं, लेकिन स्कूल में कई जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। विद्यालय में बाउंड्रीवाल नहीं होने से परिसर में मवेशियों का डेरा लगा रहता है। वहीं बालकों के लिए अलग से पेशाबघर की व्यवस्था भी नहीं है, जिसके कारण बच्चों को लघुशंका के लिए स्कूल से दूर जाना पड़ता है।
विद्यालय के तीन ओर खेत और खकरी होने के कारण जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है। स्कूल में पेयजल की भी समस्या है। परिसर में लगा हैंडपंप खराब पड़ा है और उससे पानी की एक बूंद भी नहीं निकलती। ऐसे में बच्चे अपने घरों से पानी लेकर आते हैं। पानी खत्म होने पर उन्हें दोबारा घर जाकर पानी लाना पड़ता है, जिससे पढ़ाई का समय भी प्रभावित होता है।
स्कूल तक पहुंचने का रास्ता भी बदहाल
शाला प्रभारी के अनुसार गांव से स्कूल तक पहुंचने के लिए उचित रास्ता तक उपलब्ध नहीं है। जिस रास्ते से बच्चे विद्यालय आते-जाते हैं, वहां बड़े-बड़े पत्थर और गड्ढे हैं। कई पत्थर उखड़े हुए हैं, जिससे बच्चों को पैदल चलने में भी परेशानी होती है। कई बार बच्चे रास्ते में गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं।
बारिश के दौरान विद्यालय की समस्या और बढ़ जाती है। स्कूल के दो कमरों की छत से पानी रिसने के कारण कमरों में बैठना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ उनकी सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
शाला प्रभारी ने बताया कि इन समस्याओं के निराकरण के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने संबंधित अधिकारियों से विद्यालय का निरीक्षण कर बाउंड्रीवाल, पेयजल, शौचालय, सुरक्षित रास्ते और भवन की मरम्मत जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
