धनेटा माल में नेतृत्व विकास पर क्षमता वर्धन कार्यशाला आयोजित

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तेंदूखेड़ा। मानव जीवन विकास समिति बिजौरी, जिला कटनी, मध्यप्रदेश द्वारा फोर्ड फाउंडेशन परियोजना अंतर्गत जिला दमोह के तेंदूखेड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत धनेटा माल में 18 अगस्त 2026 को स्वयं सहायता समूह एवं ग्राम विकास समितियों के सदस्यों के लिए नेतृत्व विकास विषय पर एक दिवसीय क्षमता वर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में प्रशिक्षक एवं लाइवलीहुड एक्सपर्ट श्रीमती दीक्षा ने नेतृत्व की अवधारणा को समझाते हुए कहा कि नेतृत्व वह क्षमता और प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से कोई व्यक्ति या समूह अन्य लोगों को साझा लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रेरित, मार्गदर्शित और एकजुट करता है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व केवल किसी पद पर होने का नाम नहीं, बल्कि दूसरों के साथ मिलकर काम करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का हुनर है।

उन्होंने नेतृत्व की प्रमुख विशेषताओं में टीम को सही दिशा और लक्ष्य दिखाना, सदस्यों को उनकी पूरी क्षमता से कार्य करने के लिए प्रेरित करना, कठिन परिस्थितियों में जिम्मेदारी लेकर निर्णय करना तथा आपसी विश्वास और सम्मान का वातावरण तैयार करना बताया। साथ ही अच्छे नेतृत्व के लिए दूरदर्शिता, सत्यनिष्ठा, प्रभावी संचार कौशल और सहयोग की भावना को आवश्यक बताया।

कार्यशाला में ग्राम विकास समिति एवं समूह की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि जब दो या दो से अधिक लोग समान लक्ष्य या विचार के लिए मिलकर कार्य करते हैं तो वह समूह या समिति कहलाती है। ऐसे समूहों में आपसी संवाद, सहयोग, निश्चित नियम एवं जिम्मेदारियां होती हैं तथा एकता की भावना के साथ सामूहिक रूप से समस्याओं का सामना किया जाता है।

मानव जीवन विकास समिति के तेंदूखेड़ा ब्लॉक समन्वयक घनश्याम प्रसाद रैकवार ने समूह एवं ग्राम विकास समितियों के कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि समूह अपने सदस्यों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक सहयोग प्रदान करते हैं। सामूहिक प्रयास से ऐसे कार्य भी आसानी से पूरे किए जा सकते हैं, जिन्हें अकेला व्यक्ति नहीं कर सकता। उन्होंने बचत, ऋण, रोजगार संबंधी कौशल, सूचना के आदान-प्रदान और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

कार्यशाला में डॉक्यूमेंटेशन के महत्व को भी समझाया गया। बताया गया कि किसी योजना, वस्तु या प्रक्रिया से संबंधित जानकारी, निर्देश एवं प्रमाण को लिखित रूप में तैयार कर व्यवस्थित रखना डॉक्यूमेंटेशन कहलाता है। रजिस्टर, बैठक की कार्यवाही, प्रस्ताव, आवेदन एवं कार्यक्रमों का लिखित रिकॉर्ड भविष्य में प्रशासनिक एवं कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है।

कार्यशाला में ग्राम पंचायत सरपंच प्रतिनिधि मनीष जैन, ग्राम पंचायत सचिव मुनीम पटेल, रोजगार सहायक सचिव निसार खान, मानव जीवन विकास समिति के कार्यकर्ता रामेश्वर यादव एवं अर्चना यादव, क्लस्टर कोऑर्डिनेटर लाल सिंह तथा कंप्यूटर ऑपरेटर अजीत सिंह लोधी सहित बड़ी संख्या में गांव के महिला एवं पुरुष सदस्यों ने सहभागिता की। कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं एवं समुदाय के सदस्यों में नेतृत्व क्षमता, सामूहिक निर्णय लेने की क्षमता, पारदर्शिता और दस्तावेजीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

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