पैतृक भूमि के नामांतरण पर रोक लगाने की मांग सहखातेदारों की सहमति के बिना भूमि विक्रय का आरोप, तहसीलदार को आपत्ति आवेदन
तेन्दूखेड़ा। तहसील तेन्दूखेड़ा क्षेत्र में पैतृक भूमि के विक्रय के बाद नामांतरण को लेकर विवाद सामने आया है। वार्ड क्रमांक 04 निवासी महेश साहू पिता रम्मू साहू ने तहसीलदार तेन्दूखेड़ा के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर विक्रय पत्र के आधार पर होने वाले नामांतरण पर रोक लगाने की मांग की है।
आवेदन में महेश साहू ने बताया कि मौजा तेन्दूखेड़ा, प.ह.न. 45, रा.नि.म. तेन्दूखेड़ा स्थित खसरा नंबर 335/1, रकबा 0.80 हेक्टेयर भूमि उनके एवं परिवार के सदस्यों के नाम शामिल शरीक भूमि के रूप में दर्ज है। आरोप है कि उक्त भूमि को शीला पिता ग्याप्रसाद साहू, शिवम साहू पिता गया प्रसाद साहू, पुष्पा साहू पिता गया प्रसाद साहू तथा उमारानी पति ग्याप्रसाद साहू द्वारा ज्योति जैन पति विवेक जैन निवासी ग्राम बादीपुरा को विक्रय कर दिया गया है।
महेश साहू का कहना है कि उक्त भूमि में अभी तक नक्शा बंटाकन अथवा विधिवत विभाजन नहीं हुआ है। इसके बावजूद भूमि का विक्रय कर दिया गया, जबकि अन्य सहखातेदारों की न तो सहमति ली गई और न ही उन्हें इसकी जानकारी दी गई। आवेदन में विक्रय पत्र में दर्ज भूमि की सीमाओं को भी गलत बताया गया है।
आवेदक ने हिन्दू संयुक्त परिवार एवं पैतृक संपत्ति में सहदायिक अधिकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उक्त संपत्ति पैतृक एवं संयुक्त सहखातेदारी की भूमि है, जिसमें परिवार के सदस्यों का हक एवं स्वत्व है। ऐसे में विक्रय पत्र के आधार पर नामांतरण होने से भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है।
महेश साहू ने तहसीलदार से मांग की है कि आवेदन पर विचार करते हुए संबंधित विक्रय पत्र के आधार पर होने वाले नामांतरण पर रोक लगाई जाए तथा सहखातेदारों के अधिकारों को सुरक्षित रखा जाए। आवेदन दिनांक 18 अगस्त 2026 को तेन्दूखेड़ा में प्रस्तुत किया गया।
