सरस्वती हाईस्कूल में हुई राखी निर्माण प्रतियोगिता, स्वदेशी राखी का बताया महत्व

तेंदूखेड़ा। विद्या भारती के सरस्वती विद्यालयों में शिक्षा के साथ संस्कार और भारतीय संस्कृति को भी विशेष महत्व दिया जाता है। इसी परंपरा के तहत रक्षाबंधन पर्व को ध्यान में रखते हुए सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तेंदूखेड़ा में राखी निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
प्रतियोगिता में कक्षा षष्ठी से दशमी तक की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्राएं अपने घर से राखी बनाने की सामग्री लेकर विद्यालय पहुंचीं और विद्यालय की दीदियों के मार्गदर्शन में सुंदर एवं आकर्षक राखियां तैयार कीं। छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न प्रकार की राखियां बनाईं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को रक्षाबंधन पर्व की भारतीय परंपरा से जोड़ने के साथ-साथ स्वदेशी राखियों के महत्व से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बाजार से राखी खरीदते समय भी ऐसी राखियों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जो देश में या आसपास के स्थानीय कारीगरों और कारखानों द्वारा निर्मित हों।
प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यालय परिवार ने छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें भारतीय संस्कृति और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
