सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में राष्ट्र सेविका समिति का गुरु पूजन कार्यक्रम सम्पन्न, भगवा ध्वज के महत्व से कराया अवगत

तेंदूखेड़ा। आषाढ़ पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा) के अवसर पर तेंदूखेड़ा स्थित सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में राष्ट्र सेविका समिति द्वारा गुरु पूजन एवं गुरु दक्षिणा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 9वीं एवं 10वीं की छात्राओं, उनकी माताओं, विद्यालय के आचार्यगण तथा समिति की पदाधिकारियों और सेविकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम में बाहर से आई समिति की महिला अधिकारियों ने भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राष्ट्र सेविका समिति में भगवा ध्वज को गुरु माना जाता है। उन्होंने कहा कि भगवा ध्वज त्याग, तप, ज्ञान, सेवा, शौर्य और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। समिति की परंपरा के अनुसार किसी व्यक्ति विशेष को नहीं, बल्कि आदर्शों और सिद्धांतों को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है, इसलिए ध्वज को गुरु के रूप में सम्मान दिया जाता है।

वक्ताओं ने कहा कि “गुरु व्यक्ति नहीं, तत्व हैं” तथा जीवन में सत्य, ज्ञान और राष्ट्रसेवा के आदर्शों का अनुसरण ही सच्ची गुरु भक्ति है। उन्होंने उपस्थित छात्राओं को सेवा, अनुशासन, चरित्र निर्माण और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश देते हुए “राष्ट्राय स्वाहा, इदं न मम्” के भाव को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर ध्वज पूजन के माध्यम से राष्ट्र, समाज और संस्कृति के प्रति निष्ठा का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में छात्राओं एवं उनकी माताओं को भारतीय संस्कृति, परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने राष्ट्रहित, सेवा और संस्कारों के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। विद्यालय परिवार ने इस आयोजन को छात्राओं में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्रभावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
