एक माह में जर्जर हुई 4.80 लाख की पुलिया, ग्रामीणों ने घटिया निर्माण और फर्जी खरीदी का लगाया आरोप

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तेंदूखेड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन कई स्थानों पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसा ही मामला जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत सर्रा के आश्रित ग्राम मादोसर्रा से सामने आया है, जहां खेर माता मंदिर के पास लगभग 4.80 लाख रुपये की लागत से निर्मित कलवर्ट पुलिया निर्माण के महज एक से डेढ़ माह के भीतर ही क्षतिग्रस्त होने लगी है।

ग्रामीणों का आरोप है कि 14 अप्रैल 2026 को स्वीकृत इस पुलिया का निर्माण राज्य वित्त आयोग-जनपद पंचायत स्तर योजना के तहत कराया गया था, लेकिन निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण पुलिया जगह-जगह से टूटने लगी है। पुलिया के बीच में गड्ढा बन गया है, जो लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तेज बारिश हुई तो पुलिया बहने का खतरा है।

पंचायत दर्पण पर अपलोड बिलों पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों ने पंचायत दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध खरीदी के बिलों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि निर्माण सामग्री की खरीदी स्थानीय स्तर पर एक ऐसे वेंडर के नाम से दिखाई गई है, जिसकी कोई स्थायी दुकान नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि बिलों के माध्यम से राशि निकालकर कमीशनखोरी की गई और वास्तविक सामग्री कम मात्रा में लगाई गई।

दस्तावेजों के अनुसार पुलिया निर्माण के लिए लगभग 340 बोरी सीमेंट, 5 डम्पर रेत, 4 डम्पर गिट्टी, सेंटिंग एवं पानी के टैंकर सहित लाखों रुपये की सामग्री खरीदी दर्शाई गई है। ग्रामीणों का दावा है कि यदि इतनी सामग्री वास्तव में उपयोग होती तो पुलिया वर्षों तक सुरक्षित रहती।

पानी के टैंकर और सेंटिंग पर भी सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि बिलों में 10 पानी के टैंकर खरीदे जाने का उल्लेख है, जबकि ग्राम पंचायत के पास स्वयं का पानी का टैंकर उपलब्ध है और निर्माण के दौरान किसी निजी टैंकर का उपयोग नहीं हुआ। इसी प्रकार 250 वर्गफीट सेंटिंग का किराया दर्शाया गया है, जबकि मौके पर सीमित संख्या में ही सेंटिंग प्लेटें लगाई गई थीं। साथ ही पुलिया निर्माण में उपयोग की गई पाइप (पुलिया) की खरीदी का कोई बिल भी दर्ज नहीं है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में फर्जी बिलों के माध्यम से शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

सरपंच और अधिकारियों का पक्ष

ग्राम पंचायत सर्रा के सरपंच दिनेश कुमार से पुलिया निर्माण में खर्च की गई राशि और गुणवत्ता को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि “हम देखते हैं, हमारी माताजी का स्वास्थ्य खराब है।”

वहीं, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी सी. जी. गोस्वामी ने बताया कि “कल टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।”

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