दो किलोमीटर पैदल स्कूल जाने को मजबूर बच्चे, साइकिल नहीं मिलने पर शासन से लगाई गुहार

तेंदूखेड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा मध्यान्ह भोजन, छात्रावास, छात्रवृत्ति एवं साइकिल वितरण जैसी अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन तेंदूखेड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत इमलीडोल के छात्र-छात्राओं को अब तक साइकिल योजना का लाभ नहीं मिल पाने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों के अनुसार तेंदूखेड़ा से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत इमलीडोल के बच्चों के नाम पर ग्राम बारह में एकीकृत माध्यमिक शाला इमलीडोल संचालित है। विद्यालय गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर होने के कारण इमलीडोल एवं नए गांव के 25 से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन पैदल स्कूल जाना पड़ता है।
स्थानीय निवासी भागचंद यादव, छोटे लाल, देवी सिंह और बारे लाल सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि शासन के नियमानुसार विद्यालय से 1 से 5 किलोमीटर की दूरी पर रहने वाले पात्र विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन उनके गांव के बच्चों को आज तक साइकिल नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके गांव के बच्चों के साथ भेदभाव किया जा रहा है और योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
स्कूली छात्र-छात्राओं जयराम, सरस्वती, चंदा यादव, विशाखा, दीपक, राजकुमार ठाकुर, सेवाराम ठाकुर, तुलसा यादव, प्रशांत यादव एवं अमन ने बताया कि वे प्रतिदिन सुबह लगभग 10 बजे घर से निकलते हैं और भारी स्कूल बैग लेकर पैदल विद्यालय पहुंचते हैं। रास्ते में थक जाने के कारण उन्हें बीच में विश्राम करना पड़ता है, जिससे वे विद्यालय देर से पहुंचते हैं। कई बार प्रार्थना और पहला पीरियड भी छूट जाता है, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। शाम को घर लौटते समय भी काफी थकान हो जाती है, जिसके कारण खेलने का समय नहीं मिल पाता और घर पर भी पढ़ाई करने में परेशानी होती है।
बच्चों और ग्रामीणों ने शासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि उनकी समस्या को गंभीरता से देखते हुए जल्द से जल्द साइकिल उपलब्ध कराई जाए, ताकि छात्र-छात्राएं समय पर विद्यालय पहुंच सकें और उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
क्या बोले विकासखंड शिक्षा अधिकारी
विकासखंड शिक्षा अधिकारी जुगल किशोर शर्मा ने कहा, “आप जानकारी भेजिए, मैं मामले को दिखवाता हूं कि बच्चों को साइकिल क्यों नहीं मिली।”
