शासकीय भवन नहीं, खुले मैदान में चल रही आंगनवाड़ी; 50 से अधिक बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा

तेंदूखेड़ा (दमोह)। सरकार द्वारा 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण एवं शिक्षा के लिए आंगनवाड़ी केंद्र संचालित किए जाते हैं। इन केंद्रों पर बच्चों के साथ-साथ गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पोषण आहार वितरण और किशोरियों से संबंधित गतिविधियां भी संचालित होती हैं। सामान्यतः आंगनवाड़ी केंद्र शासकीय भवन, किराए के भवन अथवा विद्यालय परिसर के अतिरिक्त कक्षों में संचालित किए जाते हैं, लेकिन तेंदूखेड़ा जनपद की ग्राम पंचायत खमरिया शिवलाल के आश्रित ग्राम पिडरई में आंगनवाड़ी केंद्र खुले मैदान में संचालित किया जा रहा है।
मामले की जानकारी मिलने पर जब हमारी टीम ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की तो स्थिति चिंताजनक मिली। प्राथमिक शाला परिसर के खुले मैदान में छोटे-छोटे बच्चे बैठकर गतिविधियां करते नजर आए। न तो बच्चों के बैठने के लिए सुरक्षित भवन था और न ही बारिश एवं धूप से बचाव की कोई व्यवस्था।
आंगनवाड़ी सहायिका अस्मिता ठाकुर ने बताया कि केंद्र क्रमांक 120 में 50 से अधिक बच्चे दर्ज हैं। पहले कुछ दिनों तक प्राथमिक शाला के एक कमरे में केंद्र संचालित किया जा रहा था, लेकिन विद्यालय भवन जर्जर होने और जगह की कमी के कारण वहां से भी केंद्र हटाना पड़ा। शासकीय अथवा किराए का भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण मजबूरी में खुले मैदान में आंगनवाड़ी लगानी पड़ रही है।
ग्रामीण गिरधारी सिंह परस्ते, बृजेश परस्ते सहित अन्य लोगों ने बताया कि मैदान में चारों ओर घास और कचरा फैला हुआ है। बारिश के मौसम में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में किसी भी समय बच्चों के साथ बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र नया आंगनवाड़ी भवन बनाया जाए तथा जब तक भवन तैयार नहीं होता, तब तक केंद्र को किराए के सुरक्षित भवन में संचालित कराया जाए।
इस संबंध में प्रभारी परियोजना अधिकारी राजू नामदेव ने बताया कि पहले से ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि जिन आंगनवाड़ी केंद्रों के पास शासकीय भवन उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें किराए के भवन में संचालित किया जाए, खुले मैदान में नहीं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
