तेजगढ़ आरोग्यम मंदिर में पानी का संकट, मरीजों के परिजन घर से ला रहे पानी; प्रसूताओं को रेफर करने की नौबत

तेंदुखेड़ा (दमोह)। तेंदुखेड़ा विकासखंड के तेजगढ़ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (आरोग्यम मंदिर) में मूलभूत सुविधाओं का अभाव मरीजों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। लाखों रुपये की लागत से निर्मित इस स्वास्थ्य केंद्र में पिछले लगभग एक महीने से पानी की व्यवस्था ठप पड़ी है। मोटर पंप खराब होने के कारण भर्ती मरीजों, प्रसूताओं और अस्पताल स्टाफ को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार को अस्पताल में हैरान करने वाला दृश्य देखने को मिला, जब भर्ती मरीजों के परिजन अपने घरों से पानी के डिब्बे और केन भरकर अस्पताल पहुंचते नजर आए। अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं के परिजनों का कहना है कि पानी नहीं होने के कारण उन्हें स्वयं व्यवस्था करनी पड़ रही है।
स्थानीय निवासी जन्मेजय गौतम और प्रमोद सिंह (कोटखमरिया) ने बताया कि वे अपनी महिलाओं को प्रसव के लिए तेजगढ़ अस्पताल लेकर आए थे। अस्पताल स्टाफ ने उन्हें बताया कि अस्पताल में पानी उपलब्ध नहीं है, इसलिए मरीजों को तेंदुखेड़ा या दमोह रेफर करना पड़ सकता है। इसके बाद परिजन मजबूरी में घर से पानी लेकर अस्पताल पहुंचे।
परिजनों के अनुसार अस्पताल का मोटर पंप करीब एक महीने से खराब पड़ा है। इस दौरान न केवल मरीज बल्कि डॉक्टरों और स्टाफ को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। तेजगढ़ अस्पताल पर लगभग 84 गांवों की स्वास्थ्य सेवाओं का दारोमदार है। स्थानीय लोग किसी तरह घर से पानी ला सकते हैं, लेकिन दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह स्थिति बेहद गंभीर है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज और सुरक्षित प्रसव का दावा करती है, लेकिन तेजगढ़ अस्पताल की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। उनका आरोप है कि अस्पताल प्रभारी डॉ. प्रियंका शर्मा नियमित रूप से अस्पताल नहीं आतीं और व्यवस्थाओं पर भी पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। ग्रामीणों ने बताया कि उनके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि अस्पताल प्रबंधन गंभीर होता तो ग्राम पंचायत से समन्वय कर प्रतिदिन पानी का टैंकर मंगाने जैसी अस्थायी व्यवस्था की जा सकती थी। पानी के अभाव में मरीजों और उनके परिजनों को पीने, नहाने, शौच और भोजन जैसी दैनिक आवश्यकताओं के लिए भी भारी कठिनाई उठानी पड़ रही है। नाराज मरीजों और परिजनों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई है।
अस्पताल प्रभारी डॉ. प्रियंका शर्मा ने बताया कि मोटर पंप की समस्या के संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजा गया है। अनुमति मिलने के बाद आवश्यक कार्य कराया जाएगा।
वहीं, ग्राम पंचायत तेजगढ़ के सचिव भानु प्रताप राजपूत ने बताया कि अस्पताल की मांग पर नल कनेक्शन उपलब्ध करा दिया गया था, लेकिन अस्पताल का पूरा कार्य केवल नल से संचालित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पंचायत से पानी का टैंकर भेजने के लिए अस्पताल की ओर से कोई मांग नहीं की गई।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक बरोनिया ने बताया कि तेजगढ़ अस्पताल में जन आरोग्य कल्याण समिति गठित है, जिसे ओपीडी से राशि प्राप्त होती है। समिति प्रस्ताव पारित कर ऐसी आवश्यक व्यवस्थाओं पर खर्च कर सकती है। उनका कहना है कि यदि समिति नियमानुसार कार्य करे तो इस तरह की समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सकता है।
अब सवाल यह है कि जब एक महीने से अस्पताल में पानी जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो जिम्मेदार विभाग और अस्पताल प्रबंधन ने अब तक स्थायी या वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की? यदि यही स्थिति बनी रही तो मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है।
