ग्राम धरिमाल में शांतिधाम तक जाने का रास्ता नहीं, कीचड़ से होकर अंतिम संस्कार को मजबूर ग्रामीण

तेंदूखेड़ा (दमोह)। सरकार द्वारा प्रदेशभर के शांतिधामों के सौंदर्यीकरण और मूलभूत सुविधाओं के विकास पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन तेंदूखेड़ा जनपद की ग्राम पंचायत पठाड़ो के आश्रित ग्राम धरिमाल में आज भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यहां शांतिधाम तक पहुंचने के लिए पक्का मार्ग नहीं है, जिससे बरसात के दिनों में अंतिम संस्कार के लिए लोगों को कीचड़ और पानी से भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की लगभग 400 की आबादी के लिए बने शांतिधाम का निर्माण भी अधूरा है। केवल चबूतरे पर टीन शेड लगा है, जबकि फर्श का निर्माण नहीं हुआ। चबूतरे पर डाली गई मुरम का ढेर होने के कारण वहां अंतिम संस्कार भी नहीं हो पाता और लोगों को नीचे खुले स्थान पर दाह संस्कार करना पड़ता है।
स्थानीय निवासी मुनीम यादव, मुकेश पाल, मक्कू पाल, राकेश यादव, लछु रैकवार और सूरज ने बताया कि ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव गांव की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते। उनका कहना है कि बरसात में शांतिधाम तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ और पानी से भर जाता है। ऐसे में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है, जबकि अर्थी लेकर जाना और भी कठिन हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल क्षेत्र में बसे होने के कारण उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। आसपास के अन्य गांवों में शांतिधाम, सीसी सड़क और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन धरिमाल में आज तक आवश्यक कार्य नहीं कराए गए। उन्होंने तत्काल शांतिधाम तक पक्की सड़क और अधूरे निर्माण कार्य पूरे कराने की मांग की है। चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे दमोह कलेक्टर कार्यालय के सामने बड़ा प्रदर्शन करेंगे।
अनुविभागीय अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी सी. जी. गोस्वामी ने कहा कि यदि रास्ते में अतिक्रमण की समस्या है तो इसकी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इस संबंध में लिखित शिकायत प्रस्तुत करें, जिसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
