अधूरा पड़ा सार्वजनिक शौचालय, आधे से अधिक राशि निकली, निर्माण पर उठे सवाल

तेंदूखेड़ा। जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहड़ में वर्ष 2020 में स्वीकृत सामुदायिक स्वच्छता परिसर (सार्वजनिक शौचालय) का निर्माण आज तक पूरा नहीं हो सका है। लगभग छह वर्ष बीत जाने के बाद भी भवन अधूरा पड़ा है, जबकि उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार इस कार्य में आधे से अधिक राशि आहरित की जा चुकी है।
जानकारी के अनुसार 26 जनवरी 2020 को निर्मल भारत/स्वच्छ भारत अभियान – सामुदायिक शौचालय योजना के तहत लगभग 3.75 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया था। दस्तावेजों के मुताबिक पिछले पंचवर्षीय कार्यकाल में करीब 2.10 लाख रुपये की राशि सामग्री क्रय के नाम पर निकाली गई।
अभिलेखों में दर्ज बिल क्रमांक 711 दिनांक 10 अक्टूबर 2020 के अनुसार 200 बोरी सीमेंट (250 रुपये प्रति बोरी) एवं 1050.400 किलोग्राम टीएमटी सरिया खरीदा गया, जिस पर जीएसटी सहित लगभग 1.04 लाख रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। वहीं बिल क्रमांक 1330 दिनांक 29 सितंबर 2021 में 250 बोरी सीमेंट तथा 507 किलोग्राम सरिया की खरीद दर्शाते हुए जीएसटी सहित लगभग 1.05 लाख रुपये का व्यय दर्ज है।
मौके पर अधूरा निर्माण
वर्तमान स्थिति में शौचालय भवन में अभी भी कई महत्वपूर्ण कार्य शेष हैं। इनमें—
- शौचालय सीट फिटिंग,
- पानी की पाइपलाइन व फिटिंग,
- विद्युत फिटिंग,
- टाइल्स,
- रंग-रोगन एवं अन्य फिनिशिंग कार्य शामिल हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शेष राशि से इतना काम पूरा होना संभव नहीं दिखता।
बिलों पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध दस्तावेजों में मुख्य रूप से केवल सीमेंट और सरिया के बिल दिखाई देते हैं, जबकि निर्माण में ईंट, रेत, गिट्टी, दरवाजे, खिड़कियां तथा मजदूरी भी लगी होगी। इन मदों से संबंधित बिल और मजदूरों के मस्टर रोल उपलब्ध नहीं होने से निर्माण कार्य की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
घटिया निर्माण का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार भवन में कई स्थानों पर दरारें भी दिखाई देने लगी हैं, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह सार्वजनिक शौचालय समय पर बन जाता तो जिन परिवारों के पास निजी शौचालय नहीं हैं, उन्हें सुविधा मिलती और विशेष रूप से महिलाओं को खुले में शौच जाने की मजबूरी से राहत मिलती। उनका आरोप है कि लंबे समय से निर्माण कार्य बंद पड़ा है और इसे पूरा कराने की दिशा में कोई गंभीर पहल नहीं की जा रही है।
राशि समाप्त होने की आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि कार्य काफी पुराना हो चुका है और उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब इसमें शेष राशि भी नहीं बची है, जिससे निर्माण पूरा होना और कठिन दिखाई दे रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से निर्माण कार्य की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई तथा सार्वजनिक शौचालय का निर्माण शीघ्र पूरा कराने की मांग की है।
