तेंदुखेड़ा कृषि उपज उप मंडी में नियमित नीलामी नहीं, किसानों ने उठाए सवाल; मंडी प्रभारी ने बताई कर्मचारियों की कमी

तेंदुखेड़ा (दमोह)। नगर की कृषि उपज उप मंडी में इन दिनों नियमित नीलामी (डाक) नहीं होने से किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। किसानों का आरोप है कि मंडी में फसलों की बोली नहीं लगने से उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में कई किसानों को अपनी उपज पाटन मंडी ले जानी पड़ रही है, जिससे अतिरिक्त परिवहन खर्च उठाना पड़ता है। वहीं स्थानीय मंडी को मिलने वाले मंडी शुल्क (टैक्स) में भी कमी आने से शासकीय राजस्व प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
किसानों के अनुसार तेंदुखेड़ा, तारादेही और तेजगढ़ क्षेत्र सहित आसपास के करीब 100 से अधिक गांवों के किसान इस मंडी पर निर्भर हैं। वर्तमान में खरीफ सीजन की बुवाई चल रही है, ऐसे समय किसानों को नकदी की आवश्यकता रहती है, इसलिए वे अपनी उपज बेचने मंडी पहुंचते हैं। किसानों का कहना है कि मंडी में नियमित नीलामी नहीं होने के कारण उन्हें उचित दाम नहीं मिलते।
किसान खिलान रैकवार, रामशंकर और हल्ले दयाराम ने बताया कि उन्होंने कई बार मंडी प्रशासन से नियमित डाक शुरू कराने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उनका आरोप है कि मंडी में उपलब्ध शेड, किसान विश्राम कक्ष, पेयजल एवं अन्य सुविधाओं का पूरा लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है।
कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि नियमित नीलामी नहीं होने से स्थानीय व्यापारी कम कीमत पर उपज खरीद लेते हैं। वहीं कुछ लोगों ने मंडी प्रशासन और व्यापारियों के बीच मिलीभगत की आशंका भी जताई है। किसानों का यह भी कहना है कि सुबह तड़के बड़ी मात्रा में अनाज मालवाहनों से बाहर भेजा जाता है, जिसकी पर्याप्त जांच नहीं होती।
मंडी प्रभारी ने क्या कहा?
मंडी प्रभारी जयंत केसरवानी ने बताया कि किसानों को मंडी में उपज बेचने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। उनके अनुसार तेंदुखेड़ा मंडी में सीजन के अनुसार नीलामी होती है। दूरस्थ क्षेत्रों, विशेषकर तारादेही और तेजगढ़ के किसानों की उपज वहां के पंजीकृत व्यापारी खरीद लेते हैं, जिससे वे स्थानीय मंडी तक कम पहुंचते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि मंडी के सुचारु संचालन के लिए 20–22 कर्मचारियों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में केवल दो कर्मचारी पदस्थ हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण सभी व्यवस्थाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है।
अब किसानों की मांग है कि तेंदुखेड़ा कृषि उपज उप मंडी में नियमित नीलामी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके और स्थानीय मंडी का राजस्व भी बढ़े।
