डिजिटल क्रॉप सर्वेयरों का हल्लाबोल: नए सरकारी आदेश के विरोध में पटवारी भी मैदान में

तेंदूखेड़ा/दमोह: मध्य प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वे (गिरदावरी) कार्य से जुड़े हजारों युवाओं का भविष्य संकट में है। आयुक्त भू-अभिलेख द्वारा जारी नए आदेश के खिलाफ सर्वेयर संघ ने मोर्चा खोल दिया है, और अब इस आंदोलन में पटवारी संघ भी शामिल हो गया है।
विवाद का कारण
हाल ही में कार्यालय आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन, ग्वालियर ने आदेश क्रमांक 2182 जारी किया। इस आदेश के अनुसार, अब एक स्थानीय युवा को केवल एक सीजन के लिए ही सर्वे का कार्य मिलेगा और अगले सीजन में नए युवाओं को मौका दिया जाएगा। शासन का तर्क है कि इससे अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। लेकिन वर्तमान सर्वेयरों का कहना है कि इससे उनके अनुभव की अनदेखी होगी और उनके रोजगार पर संकट आएगा।
पटवारी संघ का समर्थन
इस आंदोलन में नया मोड़ तब आया जब तेंदूखेड़ा पटवारी संघ ने भी सर्वेयरों की मांगों का लिखित समर्थन किया। संघ अध्यक्ष ने कहा कि यह आदेश प्रदेश के अनुभवी सर्वेयरों के भविष्य पर संकट खड़ा कर रहा है। पटवारियों के समर्थन से आंदोलन और मजबूत हो गया है।
सर्वेयरों की मुख्य मांगें
- विवादास्पद आदेश (क्रमांक 2182/MPLRS/DCS/2026) को तुरंत रद्द किया जाए।
- पिछले 2 वर्षों से कार्यरत अनुभवी सर्वेयरों को प्राथमिकता दी जाए।
- बंद की गई गिरदावरी आईडी को तत्काल चालू किया जाए।
- नए सर्वेयरों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम
सर्वेयर संघ ने मुख्यमंत्री और स्थानीय तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। संघ का कहना है कि उन्होंने पिछले दो सालों में शासन की योजनाओं को जमीन पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन अब उन्हें काम से बाहर किया जा रहा है।
“अगर आदेश रद्द नहीं हुआ और हमारी आईडी चालू नहीं हुई, तो हम उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे,” सर्वेयरों ने चेतावनी दी।
इससे यह साफ हो गया है कि डिजिटल क्रॉप सर्वेयर और पटवारी संघ दोनों ही अपने अधिकारों और रोजगार की सुरक्षा के लिए गंभीर हैं।
