तेंदूखेड़ा में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही: अघोषित कटौती से जनता बेहाल, एक घंटे में 100 बार आ-जा रही लाइट

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तेंदूखेड़ा। नगर तेंदूखेड़ा में बिजली विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही इस समय चरम पर है। मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली गुल रखी जाती है, लेकिन हल्की सी हवा चलते ही लाइनें टूट जाती हैं। अघोषित बिजली कटौती ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
वार्ड नंबर 12 का बुरा हाल
सबसे बदतर हालात वार्ड क्रमांक 12 के हैं। यहाँ घनश्याम अहिरवार के घर के पास लगे खंभे से करीब 10-12 घरों में बिजली कनेक्शन हैं। पिछले 7 दिनों से रोज दोपहर 12 बजे के बाद बिजली का लुकाछिपी का खेल शुरू हो जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, एक घंटे के भीतर करीब 100 बार लाइट आती और जाती है। इसके बाद बिजली पूरी तरह गुल हो जाती है, जो सीधे शाम को आती है। भीषण गर्मी में इस समस्या से लोग बुरी तरह परेशान हैं।
शिकायत के बाद भी नहीं हो रहा सुधार
वार्ड निवासी लक्ष्मण रैकवार, पूजा, विपिन तोमर, राखी और अभिषेक ने बताया कि वे पिछले एक हफ्ते से दोपहर में इस समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने बिजली विभाग के कर्मचारियों सुधीर पटेरिया, लकी, रामू गर्ग और शुभम खरे को अलग-अलग दिन सूचना दी। कर्मचारी शाम को आते जरूर हैं, लेकिन कोई ठोस सुधार नहीं करते। रात में बिजली ठीक रहती है, पर अगली दोपहर फिर वही समस्या शुरू हो जाती है। बुधवार को जब रामू गर्ग को फोन किया गया, तो उन्होंने अजीब बहाना बनाया। उन्होंने कहा कि खंभे पर चढ़ने वाला एक ही आदमी है, जो अभी दूसरे गाँव गया है। उसके आने के बाद ही काम देखा जाएगा।
पानी का संकट और बढ़ी बीमारियां
बिजली की इस आंख-मिचौली का सीधा असर पानी की सप्लाई पर पड़ रहा है। नगर में एक दिन छोड़कर पानी आता है। लाइट न रहने के कारण लोग मोटर नहीं चला पाते और उन्हें पानी नहीं मिल रहा है। उमस और भीषण गर्मी के कारण बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं।ओर बिजलो की इस तरह की आँख मिचौली से हमारे बिजली के उपकरण टी वी फ्रिज कूलर, मोबाइल आदि खराब होने का खतरा है।

लोकल स्टाफ को हटाने की मांग
नाराज वार्ड वासियों का आरोप है कि तेंदूखेड़ा बिजली विभाग में ज्यादातर कर्मचारी स्थानीय (लोकल) हैं। इसी वजह से वे अपनी ड्यूटी ईमानदारी से नहीं करते और लापरवाही बरतते हैं। परेशान नागरिकों ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि इन स्थानीय कर्मचारियों को यहाँ से हटाकर कहीं और ट्रांसफर किया जाए और उनके स्थान पर जिम्मेदार कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।

तेंदुखेड़ा के कनिष्क अभियंता अंसारी ने बताया कि में अभी दिखवाता हु

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