लापरवाही: आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई नाली की सफाई, घरों और दुकानों में घुस रहा गंदा पानी

तेंदूखेड़ा। नगर परिषद तेंदूखेड़ा में सफाई व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे चल रही है, जिसके कारण स्थानीय नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मानसून सिर पर है, लेकिन नगर परिषद की ओर से जलभराव और गंदगी से निपटने की कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है। स्थिति यह है कि वार्डों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं और नालियां पूरी तरह जाम हैं। यदि जल्द ही बड़े नालों और नालियों की सफाई नहीं हुई, तो बारिश का पानी सड़कों के साथ-साथ लोगों के घरों में घुसने लगेगा।
आवेदन देने के बाद भी अफसर मौन
सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग खुद आवेदन देकर नालियां साफ करने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसा ही एक मामला बस स्टैंड के पास सामने आया है। प्रियंका गैस एजेंसी के बाजू में स्थित नेमा स्वीट्स के संचालक गुड्डन नेमा इस अव्यवस्था से बेहद परेशान हैं।
घर और दुकान में लौट रहा नाली का पानी, बीमारी का खतरा
गुड्डन नेमा ने बताया कि उन्होंने नगर परिषद के सफाई प्रभारी प्रदीप साहू को लिखित आवेदन देकर दुकान और घर के सामने की जाम नाली को साफ कराने का निवेदन किया था। नाली आगे से बंद होने के कारण उसका कचरा और गंदा पानी उल्टा उनके घर और दुकान में घुस रहा है। काफी समय से जाम पड़ी इस नाली से उठने वाली तीव्र दुर्गंध के कारण वहां बैठना भी दूभर हो गया है, जिससे संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। आवेदन दिए लंबा समय बीत जाने के बाद भी परिषद ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
वर्जन:

“शिकायत पत्र मिला है। मामले को संज्ञान में लेकर कल ही उक्त नाली की सफाई करवा दी जाएगी।”
— प्रदीप साहू, सफाई प्रभारी, नगर परिषद तेंदूखेड़ा
