दिखावा बना स्वच्छता अभियान: फोटो खींचकर वापस ले गए गमले और डस्टबिन, लोगों ने उठाए सवाल

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तेंदूखेड़ा। प्रदेशभर में चल रहे स्वच्छता अभियान के बीच नगर परिषद तेंदूखेड़ा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। नगर के वार्ड क्रमांक 14 स्थित खेर माता मंदिर के पास ऐसा मामला सामने आया है, जिसे देखकर स्थानीय लोग नगर परिषद के स्वच्छता अभियान को “सिर्फ दिखावा” बता रहे हैं। आरोप है कि नगर परिषद के कर्मचारी केवल फोटो खींचकर ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार कर रहे हैं, जबकि धरातल पर सफाई व्यवस्था बदहाल बनी हुई है।

स्थानीय निवासी दीपक ठाकुर, हर्ष यादव, राज तिवारी एवं रामप्रसाद सेन ने बताया कि शुक्रवार सुबह नगर परिषद एवं स्वच्छता अभियान से जुड़े कर्मचारी एक बड़े चार पहिया वाहन से पहुंचे। वाहन में दो बड़े गमले लाए गए, जिनमें सजावटी पौधे लगे हुए थे। कर्मचारियों ने गमलों को सड़क किनारे रखकर फोटो खींचे। इसके बाद कुछ घरों के बाहर दो-दो डस्टबिन रखकर तस्वीरें ली गईं।

रहवासियों का आरोप है कि फोटो खींचने के बाद वही डस्टबिन नाली किनारे रखकर दोबारा फोटो लिए गए और फिर सभी सामग्री वापस वाहन में रखकर कर्मचारी वहां से चले गए। लोगों का कहना है कि यह पूरा काम केवल ऑनलाइन रिकॉर्ड और रैंकिंग सुधारने के उद्देश्य से किया गया।

मुख्य मार्ग के किनारे हाथठेला लगाकर व्यवसाय करने वाले नंदू केवट, राजा और सुनील ने बताया कि कुछ लोग स्वच्छता अभियान के बैनर लेकर आए थे। उन्होंने दुकानदारों के साथ फोटो खिंचवाई और मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर उसे साझा करने को कहा। इसके बाद वे वहां से चले गए।

वहीं पंकज रोहित, लक्ष्मण रैकवार, सुनील एवं सतीश सेन का कहना है कि नगर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, अधिकांश नालियां चोक पड़ी हैं और कचरे से भरी हुई हैं। बावजूद इसके नगर परिषद द्वारा वास्तविक सफाई कार्य कराने के बजाय केवल फोटो और ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए तेंदूखेड़ा को “स्वच्छ” दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।

रहवासियों ने सवाल उठाया कि स्वच्छता अभियान के नाम पर खर्च हो रही लाखों रुपये की राशि आखिर किस काम आ रही है, जब सामग्री और व्यवस्थाएं धरातल पर दिखाई ही नहीं दे रहीं। लोगों ने नगर परिषद अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी जानकारी में ही पूरा मामला हो रहा है, लेकिन वे मूकदर्शक बने हुए हैं।

नगर परिषद में स्वच्छता अभियान से जुड़े कर्मचारी गौरव सेन ने बताया कि उन्हें ऐसा करने के निर्देश सीएमओ द्वारा दिए गए थे और वे केवल आदेश का पालन कर रहे थे।

इस संबंध में नगर परिषद तेंदूखेड़ा के सीएमओ प्रेम सिंह चौहान से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

तेंदूखेड़ा। प्रदेशभर में चल रहे स्वच्छता अभियान के बीच नगर परिषद तेंदूखेड़ा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। नगर के वार्ड क्रमांक 14 स्थित खेर माता मंदिर के पास ऐसा मामला सामने आया है, जिसे देखकर स्थानीय लोग नगर परिषद के स्वच्छता अभियान को “सिर्फ दिखावा” बता रहे हैं। आरोप है कि नगर परिषद के कर्मचारी केवल फोटो खींचकर ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार कर रहे हैं, जबकि धरातल पर सफाई व्यवस्था बदहाल बनी हुई है।

स्थानीय निवासी दीपक ठाकुर, हर्ष यादव, राज तिवारी एवं रामप्रसाद सेन ने बताया कि शुक्रवार सुबह नगर परिषद एवं स्वच्छता अभियान से जुड़े कर्मचारी एक बड़े चार पहिया वाहन से पहुंचे। वाहन में दो बड़े गमले लाए गए, जिनमें सजावटी पौधे लगे हुए थे। कर्मचारियों ने गमलों को सड़क किनारे रखकर फोटो खींचे। इसके बाद कुछ घरों के बाहर दो-दो डस्टबिन रखकर तस्वीरें ली गईं।

रहवासियों का आरोप है कि फोटो खींचने के बाद वही डस्टबिन नाली किनारे रखकर दोबारा फोटो लिए गए और फिर सभी सामग्री वापस वाहन में रखकर कर्मचारी वहां से चले गए। लोगों का कहना है कि यह पूरा काम केवल ऑनलाइन रिकॉर्ड और रैंकिंग सुधारने के उद्देश्य से किया गया।

मुख्य मार्ग के किनारे हाथठेला लगाकर व्यवसाय करने वाले नंदू केवट, राजा और सुनील ने बताया कि कुछ लोग स्वच्छता अभियान के बैनर लेकर आए थे। उन्होंने दुकानदारों के साथ फोटो खिंचवाई और मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर उसे साझा करने को कहा। इसके बाद वे वहां से चले गए।

वहीं पंकज रोहित, लक्ष्मण रैकवार, सुनील एवं सतीश सेन का कहना है कि नगर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, अधिकांश नालियां चोक पड़ी हैं और कचरे से भरी हुई हैं। बावजूद इसके नगर परिषद द्वारा वास्तविक सफाई कार्य कराने के बजाय केवल फोटो और ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए तेंदूखेड़ा को “स्वच्छ” दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।

रहवासियों ने सवाल उठाया कि स्वच्छता अभियान के नाम पर खर्च हो रही लाखों रुपये की राशि आखिर किस काम आ रही है, जब सामग्री और व्यवस्थाएं धरातल पर दिखाई ही नहीं दे रहीं। लोगों ने नगर परिषद अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी जानकारी में ही पूरा मामला हो रहा है, लेकिन वे मूकदर्शक बने हुए हैं।

नगर परिषद में स्वच्छता अभियान से जुड़े कर्मचारी गौरव सेन ने बताया कि उन्हें ऐसा करने के निर्देश सीएमओ द्वारा दिए गए थे और वे केवल आदेश का पालन कर रहे थे।

इस संबंध में नगर परिषद तेंदूखेड़ा के सीएमओ प्रेम सिंह चौहान से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

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