तेंदुखेड़ा में जल संकट के बीच अवैध सिंचाई पर विवाद, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी ने दिया आवेदन

तेंदुखेड़ा (दमोह) — ग्रीष्मकाल में जल संरक्षण को लेकर प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद क्षेत्र में नदी-नालों और तालाबों से अवैध रूप से सिंचाई किए जाने का मामला सामने आया है। इस मुद्दे को लेकर भारतीय शक्ति चेतना पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए कनिष्ठ अभियंता (बिजली विभाग) को लिखित आवेदन सौंपा है।
पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष चन्द्र प्रताप ठाकुर ने अपने आवेदन में बताया कि लगभग दो माह पूर्व कलेक्टर द्वारा जल स्रोतों में पानी की कमी को देखते हुए सिंचाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद तेंदुखेड़ा क्षेत्र के कई स्थानों पर खुलेआम मोटर पंपों के जरिए सिंचाई की जा रही है।
आवेदन में बहेरिया, नरगवा, डांग का नरगवा, सेलवाड़ा, झलोन, बैरागढ़ सलैया, धनगोर सहित ब्यारमा नदी के विभिन्न स्थानों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि यहां अवैध रूप से मोटर पंप चलाकर फसलों की सिंचाई हो रही है। हैरानी की बात यह है कि इन स्थानों पर बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना हो रही है।
चन्द्र प्रताप ठाकुर ने कहा कि इस तरह लगातार सिंचाई किए जाने से जल स्रोत तेजी से सूख रहे हैं, जिससे मछलियों के जीवन पर संकट मंडरा रहा है। साथ ही मवेशियों और वन्य जीवों के लिए पेयजल की समस्या भी गंभीर होती जा रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब कलेक्टर द्वारा सिंचाई पर प्रतिबंध लगाया गया है, तो फिर बिजली विभाग द्वारा इन कार्यों के लिए बिजली आपूर्ति क्यों की जा रही है।
पार्टी ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल सभी संदिग्ध स्थानों की जांच कर अवैध मोटर पंपों को हटाए और संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करे।

