जल संवर्धन अभियान: भमका घाट में जागरूकता और श्रमदान, ग्रामीणों ने लिया जल संरक्षण का संकल्प

तेंदूखेड़ा (दमोह)।
वनांचल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जरुआ, ग्राम पंचायत इमलीडोल में जल संवर्धन अभियान के तहत भमका घाट पर जागरूकता एवं श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास समिति द्वारा टेरी एसजीपी के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में जल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञ डॉ. संजय सिंह (जल वैज्ञानिक एवं राष्ट्रीय संयोजक, जल जन जोड़ो अभियान), मनीष राजपूत (जल प्रहरी) एवं ओमेश सिंह (जल योद्धा) विशेष रूप से उपस्थित रहे। डॉ. संजय सिंह ने अपने संबोधन में “जल सहेली” कॉन्सेप्ट के माध्यम से किए गए अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में 500 किलोमीटर की पदयात्रा कर यमुना नदी संरक्षण के लिए कार्य किया है।
उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र की नदियों को पुनर्जीवित करने में सामुदायिक भागीदारी को सबसे अहम बताते हुए कहा कि “गौरैया नदी को पुनर्जीवित करने के लिए जहां भी मेरी आवश्यकता होगी, मैं सदैव तत्पर रहूंगा।” उनके विचारों से ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति नई जागरूकता और उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में लगभग 120 महिला एवं पुरुषों ने भाग लेकर जल संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही सामुदायिक एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “एक मुट्ठी आटा” अभियान के तहत गक्कड़-भर्ता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें सभी ने सहभागिता निभाई।
इस दौरान भमका घाट की साफ-सफाई भी की गई, जिसमें सरपंच नवल झारिया, सचिव भगवानदास यादव सहित ग्रामवासियों ने मिलकर श्रमदान किया।
कार्यक्रम में जनअभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक दीपचंद मालवीय, ग्रामीण विकास समिति के डायरेक्टर गोविंद यादव, अमित पटेल, ज्योति राव, ज्योति रेकवार, सविता पाल, माया ठाकुर, सुषमा यादव, राजेश सिंह, नीरज यादव, संतोष सिंह मरावी, हल्ले भाई यादव, मिहीं लाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक सहयोग से स्थानीय जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना रहा।

