सोसर में वन कर्मियों ने भरा पानी, वन्य जीवों को मिली राहत

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तेंदूखेड़ा (दमोह)।
भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच जहां इंसानों के लिए पानी की व्यवस्था किसी न किसी तरह हो जाती है, वहीं जंगलों में रहने वाले वन्य जीवों के सामने पानी का गंभीर संकट खड़ा हो जाता है। नदी-नाले और तालाब सूख जाने से वन्य प्राणी पानी की तलाश में भटकते हैं, जिससे उनके गांवों की ओर आने और शिकार होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए वन विभाग द्वारा चिन्हित क्षेत्रों में “सोसर” (जल कुंड) बनाए गए हैं। ये सोसर लगभग 3-4 फीट गहरे और 10 फीट लंबे-चौड़े गड्ढे होते हैं, जिन्हें ईंट, रेत, गिट्टी और सीमेंट से तैयार किया जाता है। गर्मी के मौसम में इनमें नियमित रूप से टैंकर के माध्यम से पानी भरा जाता है, ताकि वन्य जीवों को जंगल में ही पानी उपलब्ध हो सके।

तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र अधिकारी श्रेयांस जैन के निर्देश पर क्षेत्र के सभी सोसरों की साफ-सफाई कर उनमें स्वच्छ पानी भरने का कार्य किया गया। आदेश के पालन में वनपाल बी.डी. सेन द्वारा बीट बगदरी के आरएफ 188, 187, 189 एवं पीएफ 160 में बने सोसरों की सफाई कर टैंकर से पानी भरा गया।

पानी भरते ही इन सोसरों पर वन्य जीवों की आवाजाही शुरू हो गई, जिससे उन्हें काफी राहत मिली है। वनपाल बी.डी. सेन ने बताया कि बगदरी और तिपनी क्षेत्र में वन्य जीवों की संख्या अधिक है, इसलिए उनके लिए पानी की समुचित व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरे गर्मी के मौसम में समय-समय पर इन सोसरों में पानी भरने का कार्य लगातार जारी रहेगा।

वन विभाग की इस पहल से जंगल में रहने वाले वन्य जीवों को बड़ी राहत मिली है और उनके जीवन की रक्षा सुनिश्चित हो रही है।

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