वीरांगना दुर्गावती टाईगर रिजर्व में रेडियो कॉलर लगे बाघ का शव मिला, बाघो की आपसी संघर्ष में मृत्यु की आशंका

0
Spread the love

एनटीसीए प्रोटोकॉल के तहत् पोस्टमार्टम

दमोह : 16 फरवरी 2026

वनमंडलाधिकारी वीरांगना टाईगर रिजर्व ने बताया 15 फरवरी को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र के मोहली परिक्षेत्र के मानेगाव बीट के कक्ष क्रमांक 159 में शाम 5:30 बजे बाघ का एक शव मिला था। उक्त बाघ को 18-19 जनवरी की दरमियानी रात को रेडियो कॉलर लगाकर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के कोर वन क्षेत्र में मुक्त किया गया था एवं मॉनिटरिंग दल उसकी लगातार मॉनीटरिंग कर रहे थे। विगत दो दिवसों से उस बाघ की लोकेशन एक जगह ही आ रही थी। अतः मॉनिटरिंग दल को चिंता हुई और उन्होने नजदीक जाकर देखा तो उन्हें उक्त बाघ मृत मिला। आज प्रातः डॉग स्क्वॉड के द्वारा मृत बाघ के आसपास के क्षेत्र में सघन सर्च की गई साथ ही उक्त मृत बाघ के शव के करीब के जल स्रोत एवं आसपास के अन्य जल स्रोतों का भी लिटमस पेपर द्वारा पीएच वैल्यू आदि की जांच भी की गई। दोनों ही जांच में कोई परिणाम नहीं मिले।

उन्होने बताया इसके उपरांत राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रोटोकॉल अनुरूप पन्ना टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता एवं रहली में पदस्थ स्थानीय पशु चिकित्सक श्री नीरज ठाकुर के द्वारा एवं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि डॉ. प्रशांत देशमुख एवं वन संरक्षक सागर रिपुदमन सिंह भदोरिया के समक्ष शव का पोस्टमार्टम किया गया। बाघ की खोपड़ी बुरी तरह से छतिग्रस्त थी एवं ह‌ड्डियां टूटी हुई थी तथा उन पर केनाईल के गहरे निशान भी थे।

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के विशेषज्ञ डॉक्टर प्रशांत देशमुख एवं वरिष्ठ वन्य प्राणी चिकित्सक संजीव गुप्ता का अभीमत है, कि बाघों की लड़ाई में उक्त बाघ को अन्य बाघ द्वारा मार डाला गया है। पोस्टमार्टम के पश्चात विशेषज्ञों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में उक्त बाघ के शव को शवदाह किया गया।

About The Author

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *