नगर परिषद में नहीं लिए जा रहे RTI आवेदन, बेरंग लौट रहे आवेदक

तेंदूखेड़ा। सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत नागरिकों को सार्वजनिक प्राधिकरणों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जानकारी मांगने का अधिकार है। तेंदूखेड़ा नगर परिषद में आरटीआई आवेदन स्वीकार नहीं किए जाने को लेकर आवेदकों ने सवाल उठाए हैं।
आवेदक रामशंकर रैकवार एवं लक्ष्मण रैकवार का कहना है कि वे पिछले मंगलवार को नगर परिषद में आरटीआई अधिनियम के तहत आवेदन जमा करने पहुंचे थे, लेकिन उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। आवेदकों के अनुसार नगर परिषद के इंजीनियर भूपेंद्र सिंह ने आवेदन प्रह्लाद सिंह ठाकुर को देने की बात कही, जबकि ठाकुर ने यह कहते हुए आवेदन लेने से मना कर दिया कि वे लोक सूचना अधिकारी नहीं हैं।

वहीं, फूल सिंह घोसी एवं गुड्डू घोसी का कहना है कि नगर परिषद में आरटीआई व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट होना आवश्यक है। उनका आरोप है कि नगर परिषद में आवेदन स्वीकार नहीं होने से आरटीआई कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आवेदकों का यह भी दावा है कि पूर्व में सूचना उपलब्ध नहीं कराने के मामले में संबंधित अधिकारी पर राज्य सूचना आयोग द्वारा जुर्माना लगाए जाने की कार्रवाई हो चुकी है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित आदेश की प्रति से किया जाना आवश्यक है।
आरटीआई कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि नगर परिषद में लोक सूचना अधिकारी/सहायक लोक सूचना अधिकारी की व्यवस्था स्पष्ट रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिकों के सूचना के अधिकार का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन हो सके और आवेदन स्वीकार करने की प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानी न हो।
अब सवाल यह है कि नगर परिषद में आरटीआई आवेदन स्वीकार करने की व्यवस्था कब सुचारू होगी और आवेदकों की शिकायत पर जिम्मेदार अधिकारी क्या कार्रवाई करेंगे?
