RTI में जन आरोग्य समिति की आय-व्यय जानकारी रोकने का आरोप, संस्था प्रभारी पर मनमानी के आरोप

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तेजगढ़। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तेजगढ़ में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जन आरोग्य समिति की आय-व्यय संबंधी जानकारी को लेकर विवाद सामने आया है। आवेदक का आरोप है कि संस्था प्रभारी डॉ. प्रियंका शर्मा द्वारा जानकारी उपलब्ध कराने के बजाय उनसे सूचना मांगने का उद्देश्य पूछा गया तथा सरकारी दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए मामले को उलझाया जा रहा है।

आवेदक के अनुसार उन्होंने 6 अगस्त 2026 को रजिस्टर डाक के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तेजगढ़ से संबंधित जन आरोग्य समिति की आय-व्यय संबंधी जानकारी मांगते हुए RTI आवेदन प्रस्तुत किया था। आरोप है कि आवेदन को यह कहते हुए स्वीकार नहीं किया गया कि अस्पताल में लोक सूचना अधिकारी का पद नहीं है। इसके बाद आवेदक ने खंड चिकित्सा अधिकारी तेंदूखेड़ा के समक्ष शिकायत/अपील प्रस्तुत की।

सूचना मांगने का उद्देश्य क्यों पूछा गया?

आवेदक का कहना है कि RTI अधिनियम की धारा 6(2) के तहत सूचना मांगने वाले व्यक्ति से सूचना मांगने का कारण पूछना आवश्यक नहीं है। इसके बावजूद उनसे जानकारी मांगने का उद्देश्य पूछा गया। आवेदक ने अपने जवाब में कहा है कि यदि मांगी गई सूचना RTI अधिनियम के किसी अपवाद के अंतर्गत नहीं आती है, तो केवल इस आधार पर कि उसका दुरुपयोग हो सकता है, सूचना रोकना उचित नहीं है।

आवेदक ने यह भी कहा कि जन आरोग्य समिति की आय-व्यय संबंधी जानकारी सार्वजनिक धन के उपयोग से जुड़ी है। ऐसे में समिति को प्राप्त राशि, बैंक खाते में जमा राशि, खर्च, भुगतान, बिल-वाउचर और संबंधित अभिलेखों की जानकारी पारदर्शिता एवं जवाबदेही के लिए महत्वपूर्ण है।

धारा बताकर सूचना रोकने की मांग

आवेदक ने संस्था प्रभारी से मांग की है कि यदि किसी विशेष सूचना को देने से इनकार किया जाता है तो RTI अधिनियम की संबंधित धारा एवं उपधारा का स्पष्ट उल्लेख करते हुए कारणयुक्त लिखित आदेश दिया जाए। साथ ही यदि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लोक सूचना अधिकारी नियुक्त नहीं है तो आवेदन को संबंधित लोक सूचना अधिकारी को नियमानुसार अग्रेषित करने की मांग की गई है।

आवेदक ने लगाए गंभीर आरोप

आवेदक का आरोप है कि संस्था प्रभारी डॉ. प्रियंका शर्मा की मनमानी के चलते RTI के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है और आवेदक को परेशान एवं गुमराह करते हुए प्रकरण को अनावश्यक रूप से जटिल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आवेदक ने पूरे मामले में नियमानुसार कार्रवाई कर पारदर्शिता के साथ सूचना उपलब्ध कराने की मांग की है।

अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या जांच करता है और RTI आवेदन पर नियमानुसार सूचना उपलब्ध कराने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है। वहीं, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।

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