जनपद की पहली पंचायत, जहां शांति धामों में बनीं पानी की टंकियां

अंतिम संस्कार के बाद लोगों को मिल रही सहूलियत, दो गांवों में टंकियां तैयार; बरपटा में बारिश के बाद निर्माण की तैयारी
तेंदूखेड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन का जीवन सरल बनाने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न विकास योजनाओं के तहत स्कूल, आंगनवाड़ी भवन, सड़क, नाली, तालाब, स्टॉप डैम, शांति धाम, खेल मैदान और सामुदायिक भवन सहित कई निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में तेंदूखेड़ा जनपद से करीब 30 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बम्होरी माल ने शांति धामों में पानी की टंकियां बनाकर एक उपयोगी पहल की है।
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत क्षेत्र के शांति धामों में पहले अंतिम संस्कार के बाद स्नान के लिए नदी, तालाब या कुएं तक जाना पड़ता था। वहीं अंतिम संस्कार के दौरान भी पानी की आवश्यकता होती थी। पंचायत द्वारा शांति धामों के गेट के पास पानी की टंकियां बनाकर उनमें करीब आठ से दस नल लगाए गए हैं। इससे अंतिम संस्कार के बाद लोगों को वहीं स्नान के लिए पानी उपलब्ध हो जाता है और पानी के लिए इधर-उधर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
ग्रामीणों ने बताया कि बम्होरी माल के शांति धाम में पहले की तुलना में काफी बदलाव हुआ है। यहां पौधरोपण किया गया, जिसके पेड़ अब बड़े हो चुके हैं। इसके अलावा शांति धाम में सीसी रोड का निर्माण भी कराया गया है।
सरपंच दिलीप मिश्रा ने बताया कि ग्राम पंचायत बम्होरी माल के अंतर्गत बम्होरी माल, बम्होरी रैयत और बरपटा तीन गांव आते हैं। इनमें से बम्होरी माल और बम्होरी रैयत में पानी की टंकियां बन चुकी हैं और ग्रामीण उनका उपयोग कर रहे हैं। पंचायत की आबादी करीब दो हजार है। बरपटा गांव के शांति धाम में भी बारिश के बाद पानी की टंकी बनाने की योजना है।
सरपंच के मुताबिक जब किसी परिवार में गमी होती है तो शांति धाम की टंकी में किसानों के मोटर पंप की मदद से पानी भरा जाता है, जिसका भुगतान ग्राम पंचायत द्वारा किया जाता है। कई बार पंचायत के पानी के टैंकर से भी टंकियां भरी जाती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि शांति धाम में पानी की व्यवस्था होने से अंतिम संस्कार के समय लोगों को काफी सुविधा मिल रही है। उनका कहना है कि जनपद क्षेत्र में इस तरह की व्यवस्था अन्य पंचायतों में देखने को नहीं मिलती, जबकि बम्होरी माल पंचायत ने अपने ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था शुरू की है।
