सामूहिक हड़ताल खत्म, फिर भी धरी माल के स्कूल में नहीं मिला मध्यान्ह भोजन

ग्रामीणों का आरोप—दो दिन पहले हड़ताल समाप्त होने के बावजूद बच्चों को भोजन नहीं मिला, टिफिन लेकर स्कूल पहुंच रहे बच्चे
तेंदूखेड़ा। मध्यप्रदेश में शासकीय स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने वाले महिला स्व-सहायता समूहों की सामूहिक हड़ताल समाप्त होने के बाद भी तेंदूखेड़ा ब्लॉक के कुछ स्कूलों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाई है। ऐसा ही मामला तेंदूखेड़ा ब्लॉक से करीब 28 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत पठादो के आश्रित ग्राम धरी माल की प्राथमिक शाला से सामने आया है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल में पिछले करीब सात दिनों से बच्चों को मध्यान्ह भोजन नहीं मिला है। भोजन नहीं मिलने के कारण कई बच्चे अपने घर से टिफिन लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं। वहीं जिन बच्चों के घर स्कूल से दूर हैं, उनके सामने दोपहर के भोजन की समस्या बनी हुई है।
हड़ताल खत्म, फिर भी नहीं शुरू हुआ भोजन
ग्रामीणों मुकेश पाल, सोनू रैकवार, सुंदर ठाकुर, राघवेंद्र यादव और संजू ठाकुर का कहना है कि स्व-सहायता समूहों की हड़ताल करीब सात दिनों तक चली थी और अब दो दिन पहले हड़ताल समाप्त हो चुकी है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब हड़ताल समाप्त हो गई है तो स्कूल में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था भी तत्काल शुरू होनी चाहिए थी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी स्कूल में बच्चों को मेनू के अनुसार भोजन नहीं मिलने की शिकायतें रही हैं। उनके अनुसार, कई बार पतली सब्जी और जली हुई रोटी बच्चों को परोसे जाने की स्थिति बनी।
निरीक्षण व्यवस्था पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्कूलों में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और नियमितता की समय-समय पर जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि नियमित निरीक्षण नहीं होने के कारण व्यवस्था में लापरवाही सामने आती है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि धरी माल प्राथमिक शाला में तत्काल मध्यान्ह भोजन शुरू कराया जाए और बच्चों को शासन द्वारा निर्धारित मेनू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन केवल एक योजना नहीं, बल्कि उनके पोषण और स्कूल में नियमित उपस्थिति से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसलिए जिम्मेदार अधिकारियों को मामले की जांच कर व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए।
