दो-दो फिंगर लगवाने के बाद एक माह का राशन देने का आरोप, एक माह के राशन में गोलमाल की शिकायत

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तेंदूखेड़ा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को शासन द्वारा निशुल्क राशन उपलब्ध कराया जाता है। त्योहारों और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए कई बार एक साथ दो माह का राशन भी वितरित किया जाता है। अगस्त माह में रक्षाबंधन को देखते हुए पात्र हितग्राहियों को दो माह का राशन देने के निर्देश जारी किए गए हैं।

इसी बीच तेंदूखेड़ा से करीब 30 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत चंदना में राशन वितरण को लेकर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। यहां ग्राम पंचायत कार्यालय से राशन का वितरण किया जा रहा है। हितग्राहियों का आरोप है कि उनसे दो-दो बार फिंगर लगवाए गए, लेकिन उन्हें मौके पर केवल एक माह का ही राशन दिया जा रहा है।

राशन लेने पहुंचे हितग्राहियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि पहले ही उनसे दो बार फिंगर लगवा लिए गए थे। इसके बावजूद उन्हें एक माह का ही राशन दिया गया। हितग्राहियों ने आशंका जताई कि शासन द्वारा गरीब परिवारों के लिए भेजे गए एक माह के राशन में गोलमाल किया जा सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे दूरदराज के ग्रामीण और जंगल क्षेत्र में रहते हैं। शासन की योजनाओं और राशन वितरण से संबंधित नियमों की पूरी जानकारी उन्हें समय पर नहीं मिल पाती। उनका आरोप है कि इसी जानकारी के अभाव का फायदा उठाकर गरीब और भोले-भाले हितग्राहियों का शोषण किया जाता है। ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर शासन की योजनाओं और राशन वितरण की पूरी जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग की है।

जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी आदित्य दाहिया ने बताया कि चंदना की राशन दुकान वन समिति की है, जिसे यशवंत सिंह लोधी संचालित करते हैं। खाद्य वितरण में गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद फिलहाल राशन वितरण रुकवा दिया गया है। जांच के बाद ही आगे राशन वितरण किया जाएगा और वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

वहीं तारादेही वन परिक्षेत्र अधिकारी देवेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि सेल्समैन को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई हैं, लेकिन राशन वितरण केंद्र के संचालन में वन विभाग का हस्तक्षेप नहीं रहता। वन समिति के माध्यम से केवल सेल्समैन के वेतन संबंधी प्रक्रिया होती है। वही सेल्स मेन यशवंत का पक्ष लेने के लिये दो दो बार फोन लगाया तो उनके द्वारा फोन काट दिया गया।

अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि हितग्राहियों द्वारा लगाए गए आरोप कितने सही हैं और दो बार फिंगर लगाने के बावजूद उन्हें दो माह का राशन क्यों नहीं दिया गया।

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