तेन्दूखेड़ा क्षेत्र में 11 भैंस चोरी होने की शिकायत, एक व्यक्ति पर संदेह

तेन्दूखेड़ा। थाना तेन्दूखेड़ा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों से कुल 11 भैंस चोरी होने की शिकायत सामने आई है। दोनों मामलों में पीड़ित पशुपालकों ने अज्ञात चोरों द्वारा भैंसों को वाहन में लादकर ले जाने की आशंका जताई है। वहीं एक ही व्यक्ति उप्पू यादव पर संदेह व्यक्त करते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि, चोरी में उसकी संलिप्तता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पहला मामला ग्राम पांजी का है। महेन्द्र यादव ने थाना तेन्दूखेड़ा में दिए आवेदन में बताया कि 13 अगस्त की रात वह अपनी 12 भैंसों को जंगल में चराने के लिए ले गया था। रात में करीब 3 बजे चार भैंसें गले में रस्सी बंधी हुई हालत में घर पहुंचीं। इसके बाद जंगल में तलाश करने पर कुल आठ भैंसें मिल गईं, जबकि चार भैंसें अब भी लापता हैं। महेन्द्र यादव ने जंगल में वाहन के टायरों के निशान तथा भैंसों को वाहन में चढ़ाने जैसे निशान मिलने की बात भी आवेदन में कही है।
आवेदक ने ग्राम हरदुआ निवासी उप्पू यादव पर संदेह जताते हुए बताया कि उसकी तलाश के दौरान वह अलग-अलग स्थानों पर होने की बात कहता रहा। इसी आधार पर आवेदक ने आशंका जताई कि उसकी चार भैंसों की चोरी में उप्पू यादव की भूमिका हो सकती है।
दूसरा मामला ग्राम बैलढाना का है। टीकाराम केवट ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 8 अगस्त की सुबह करीब 4 बजे उसके खेत के पास सात भैंसें चर रही थीं। करीब 6 बजे जब वह उन्हें देखने पहुंचा तो भैंसें मौके पर नहीं मिलीं। आसपास तलाश करने के बाद भी उनका पता नहीं चला। इनमें तीन बड़ी भैंसें और चार छोटी पड़िया शामिल थीं। टीकाराम ने भी खेत के पास वाहन के निशान मिलने की बात कही है और उप्पू यादव पर संदेह जताया है।
दोनों मामलों में पशुपालकों ने थाना तेन्दूखेड़ा पुलिस से शिकायत दर्ज कर लापता भैंसों की तलाश तथा मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। लगातार पशु चोरी की शिकायतों से क्षेत्र के पशुपालकों में चिंता का माहौल है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन घटनाओं के पीछे कौन लोग हैं और क्या दोनों मामलों के बीच कोई संबंध है।
