तय दाम से अधिक वसूली का आरोप, पल्लेदारी के नाम पर किसानों से अतिरिक्त राशि लेने की शिकायत

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तेंदूखेड़ा। खरीफ सीजन की बुवाई के बीच किसानों को यूरिया खाद प्राप्त करने में जहां पहले से ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं अब डबल लॉक केंद्र पर निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूले जाने के आरोप सामने आए हैं। किसानों का कहना है कि यूरिया की प्रत्येक बोरी पर पल्लेदारी के नाम से 9 से 14 रुपये तक अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं, जिससे उनकी खेती की लागत बढ़ रही है।

जानकारी के अनुसार तेंदूखेड़ा स्थित डबल लॉक केंद्र से किसानों को खाद का वितरण किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि टोकन कटवाने के बाद लंबी कतार में लगने के बावजूद उन्हें यूरिया निर्धारित सरकारी मूल्य 266 रुपये प्रति बोरी के बजाय 275 से 280 रुपये तक में दी जा रही है।

किसान संजू यादव ने बताया कि उन्होंने एक बोरी टीएसपी और दो बोरी यूरिया खरीदी, जिसके लिए कुल 1860 रुपये लिए गए। उनके अनुसार टीएसपी की कीमत 1300 रुपये थी, जबकि दो बोरी यूरिया के 560 रुपये लिए गए, यानी एक बोरी की कीमत 280 रुपये पड़ी। अन्य किसानों ने भी बताया कि उनसे प्रति बोरी 275 रुपये वसूले गए।

मामले की शिकायत मिलने पर एसडीएम सी. एस. गोस्वामी स्वयं डबल लॉक केंद्र पहुंचे और किसानों से बातचीत कर मौके पर जांच की। किसानों ने उनके समक्ष भी प्रति बोरी अतिरिक्त राशि लिए जाने की शिकायत की।

किसानों का आरोप है कि डबल लॉक प्रभारी तूफान पटेल लंबे समय से केंद्र पर पदस्थ हैं और पल्लेदारी के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है। किसानों ने उनके स्थानांतरण की मांग करते हुए कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो यह व्यवस्था जारी रहेगी।

वहीं डबल लॉक प्रभारी तूफान पटेल का कहना है कि यूरिया की एक बोरी के 272 रुपये लिए जाते हैं तथा अतिरिक्त राशि पल्लेदारों की मजदूरी के रूप में ली जाती है। हालांकि किसानों का कहना है कि पल्लेदार केवल गोदाम से बोरी बाहर तक रखते हैं, जबकि वाहन में लोडिंग का कार्य उन्हें स्वयं करना पड़ता है। किसानों का दावा है कि यदि किसान स्वयं बोरी उठाता है तो उससे पल्लेदारी शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए, लेकिन यहां पहले से ही अतिरिक्त राशि वसूल ली जाती है।

इस संबंध में एसडीएम सी. एस. गोस्वामी ने बताया कि किसानों द्वारा अतिरिक्त राशि लिए जाने की शिकायत की गई थी। जांच के दौरान कर्मचारियों ने प्रति बोरी 5 रुपये पल्लेदारी शुल्क लेने की बात स्वीकार की। उन्होंने कर्मचारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में अनधिकृत वसूली की शिकायत दोबारा मिली तो संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए जेल भेजने तक की कार्रवाई की जाएगी।

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