12 घंटे तक कुएं में फंसी बछिया को बजरंग दल के युवाओं ने सुरक्षित निकाला, उपचार के बाद मिली राहत

तेंदूखेड़ा। लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में बने कुएं पानी से लबालब भर गए हैं। कई स्थानों पर कुओं की मजबूत मुंडेर नहीं होने से हादसों का खतरा बना रहता है। ऐसा ही एक मामला नगर तेंदूखेड़ा के वार्ड क्रमांक 12 में सामने आया, जहां एक करीब डेढ़ वर्ष की बछिया कुएं में गिर गई और लगभग 12 घंटे तक पानी में संघर्ष करती रही।
जानकारी के अनुसार, पंकज रोहित के घर के सामने स्थित खेत में बने कुएं की मुंडेर पर्याप्त ऊंची नहीं है। बताया गया कि कुएं के एक ओर उसी का मलबा जमा होने से वहां से गुजरने वाले मवेशियों या बच्चों के गिरने का खतरा बना रहता है। बीती रात बछिया इसी कुएं में गिर गई।
सुबह एक युवक खेतों की ओर घूमने गया। उसके साथ मौजूद कुत्ता लगातार भौंकने लगा। युवक जब आवाज की दिशा में कुएं के पास पहुंचा तो उसने देखा कि एक बछिया पानी में तैरते हुए बाहर निकलने का प्रयास कर रही है। रातभर पानी में रहने से वह बेहद कमजोर हो चुकी थी। युवक ने तुरंत बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को सूचना दी।

सूचना मिलते ही बजरंग दल के सदस्य मौके पर पहुंचे और रस्सी की सहायता से कड़ी मशक्कत के बाद बछिया को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाहर निकालने के बाद कार्यकर्ताओं ने उसके हाथ-पैरों की मालिश की, लेकिन लंबे समय तक ठंडे पानी में रहने के कारण उसके पैर अकड़ गए थे और वह खड़ी नहीं हो पा रही थी।
इसके बाद कार्यकर्ता उसे पास के एक मकान तक ले गए, जहां आग जलाकर उसे गर्माहट दी गई। साथ ही पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दी गई। सूचना पर पशु स्वास्थ्य कर्मी लेखराम सेन मौके पर पहुंचे और बछिया का उपचार किया। दवा मिलने के बाद उसकी हालत में सुधार होने लगा। बाद में कार्यकर्ताओं ने उसे भूसा और चारे की सानी खिलाई, जिसे उसने खाना शुरू कर दिया।

स्थानीय लोगों ने बजरंग दल के युवाओं की तत्परता, सेवा भावना और जीव-दया की सराहना की। लोगों का कहना है कि यदि समय पर बचाव नहीं किया जाता तो बछिया की जान बचाना मुश्किल हो सकता था।
वहीं नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले और बिना सुरक्षित मुंडेर वाले कुओं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
