गरीब परिवार को नहीं मिला पीएम आवास, कच्चा मकान गिरने की कगार पर; पक्के मकानों वालों को लाभ मिलने का आरोप

तेंदूखेड़ा (दमोह)। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने का उद्देश्य है, लेकिन तेंदूखेड़ा नगर परिषद क्षेत्र में एक गरीब परिवार ने योजना के लाभ से वंचित रहने का आरोप लगाया है।
वार्ड क्रमांक 12 निवासी अली मोहम्मद उर्फ जुम्मन खान का कहना है कि उनका छह सदस्यीय परिवार पिछले कई वर्षों से लगभग 10×10 फीट के कच्चे कमरे में रह रहा है। कमरे की छत पुरानी सीटों से ढकी हुई है, जिससे बारिश का पानी लगातार टपकता है। दीवारें मिट्टी की होने के कारण पूरी तरह भीग चुकी हैं और मकान गिरने की स्थिति में पहुंच गया है।

जुम्मन खान ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए उन्होंने एक वर्ष से अधिक समय पहले आवेदन किया था। उनका सर्वे भी हो चुका है, लेकिन अब तक पहली किस्त जारी नहीं हुई। उनका आरोप है कि कई बार नगर परिषद के चक्कर लगाने और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत करने के बावजूद केवल आश्वासन दिया जाता है और शिकायत बंद कर दी जाती है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नगर परिषद के कुछ कर्मचारियों द्वारा “खर्च-पानी” की बात कही जाती है, जबकि वास्तव में जरूरतमंद परिवारों को आवास नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि जिन लोगों के पहले से पक्के मकान हैं, उन्हें योजना का लाभ मिल गया, जबकि उनका परिवार आज भी जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर है।
इंजीनियर ने क्या कहा
नगर परिषद के इंजीनियर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची का निर्धारण इंजीनियरिंग शाखा नहीं करती। सूची नगर परिषद की बैठक में प्रस्तुत होती है, जहां नगर परिषद अध्यक्ष एवं संबंधित वार्ड पार्षद के स्तर पर प्राथमिकता तय की जाती है।

वार्ड पार्षद पक्ष
वार्ड पार्षद पति दिनेश साहू ने कहा कि अली मोहम्मद के आवास की राशि जल्द जारी कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन हितग्राहियों को आवास की सबसे अधिक आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लाभ दिलाने की प्रक्रिया चल रही है।
यदि जुम्मन खान के आरोप सही हैं, तो यह मामला प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन की पारदर्शिता और पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं, नगर परिषद का कहना है कि पात्रता और प्राथमिकता के अनुसार ही आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं।
