तेंदुखेड़ा के वार्ड-12 में पानी संकट गहराया, 150 घरों की बस्ती बूंद-बूंद को तरसी

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दमोह जिले के तेंदुखेड़ा नगर के वार्ड क्रमांक-12 स्थित मस्जिद गली में भीषण जल संकट ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। लगभग 150 घरों की यह बस्ती, जो करीब 800 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली हुई है, इन दिनों पानी की भारी किल्लत से जूझ रही है।

स्थानीय रहवासियों के अनुसार, मोहल्ले में नर्मदा पाइपलाइन और नगर परिषद द्वारा डाली गई बोरिंग लाइन दोनों मौजूद हैं, लेकिन व्यवस्था की कमी के चलते लोगों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा। पूरे मोहल्ले में जहां 3 से 4 बॉल वाल्व की आवश्यकता है, वहां केवल एक ही बॉल वाल्व के माध्यम से सप्लाई की जा रही है। इससे आगे की बस्ती तक पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच पाती।

गर्मी के इस मौसम में हालात और गंभीर हो गए हैं। लोगों का कहना है कि 4-5 दिन तक पानी की सप्लाई बंद रहती है। जब संबंधित कर्मचारियों से इस बारे में पूछा जाता है, तो वे कभी बोरिंग का जलस्तर घटने, कभी मोटर खराब होने, तो कभी नर्मदा लाइन बंद होने का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचते नजर आते हैं।

रहवासियों ने आरोप लगाया कि सप्लाई कर्मचारी केवल लाइन चालू और बंद करने तक सीमित हैं, उन्हें इस बात से कोई सरोकार नहीं कि पानी घरों तक पहुंच रहा है या नहीं। इतना ही नहीं, कई बार कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार और नशे की हालत में ड्यूटी करने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

इस संबंध में स्थानीय निवासी चंदा बाई अहिरवार, सपना बाई, सीया अहिरवार, बबीता बाई और वंदना अहिरवार ने बताया कि वे लंबे समय से पानी की समस्या से परेशान हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार 181 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नगर परिषद के मुख्य अधिकारी पर भी लापरवाही के आरोप लगे हैं, जिनके बारे में लोगों का कहना है कि वे शायद ही कभी नगर में उपस्थित रहते हैं।

आक्रोशित वार्डवासियों ने अंततः नगर परिषद अध्यक्ष के निवास पर पहुंचकर अपनी समस्या से अवगत कराया और जल्द समाधान की मांग की।

स्थानीय रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही पानी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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