आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती पर गड़बड़ी के आरोप, अधिक अंक होने के बावजूद चयन से बाहर करने का दावा
तेंदुखेड़ा
जिले की तेंदूखेड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत महगुवांखुर्द के नंदपुरा आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 12 में सहायिका पद की भर्ती को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। आवेदिका ललिता पाल ने कलेक्टर को आपत्ति/आवेदन पत्र सौंपते हुए चयन प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाया है।
आवेदन में ललिता पाल ने बताया कि ऑनलाइन चयन सूची के अनुसार उन्हें 62.95 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए थे, जबकि अन्य अभ्यर्थियों में वर्षा गौड को 57.6 प्रतिशत एवं पूजा गौड को 57.53 प्रतिशत अंक मिले थे। सर्वाधिक अंक होने के बावजूद उनका नाम अंतिम चयन सूची में शामिल नहीं किया गया, यहां तक कि प्रतीक्षा सूची में भी उनका नाम नहीं है।
ललिता पाल के अनुसार कुछ लोगों द्वारा उनके चयन के विरुद्ध आपत्ति दर्ज कराई गई, जो तथ्यहीन थी और आपत्तिकर्ताओं के पास कोई वैध प्रमाण भी नहीं था। आरोप है कि आपत्ति लगाने वालों ने पहले ही यह दावा किया था कि पढ़ाई के अंकों से कुछ नहीं होता और पैसों के लेन-देन से चयन करवाया जा सकता है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि 2 जनवरी 2026 को दावा-आपत्ति समिति द्वारा उनसे केवल उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर कराए गए। जब उन्होंने अधिकारियों से दस्तावेजों की जांच करने का अनुरोध किया तो यह कहकर टाल दिया गया कि जांच की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद 6 जनवरी 2026 को जारी सूची में उनका नाम नहीं आने से उन्हें चयन प्रक्रिया पर संदेह हुआ।
पीड़ित आवेदिका ने कलेक्टर से मांग की है कि वर्तमान आदेश पर तत्काल रोक लगाते हुए सभी दस्तावेजों की निष्पक्ष एवं सूक्ष्म जांच कराई जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे न्यायालय की शरण लेने के लिए बाध्य होंगी।
मामले ने आंगनवाड़ी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।

