दमोह में अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़, करोड़ों की फसल जब्त

दमोह। जिले के में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। थाना क्षेत्र अंतर्गत इमलिया चौकी के ग्राम सुहेला लुकाम मौजा में पुलिस ने करीब ढाई से तीन एकड़ में लहलहा रही अफीम की फसल जब्त की है। फसल में फल और फूल लग चुके थे, जिससे संकेत मिलता है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से खेती तैयार की थी। जब्त फसल की बाजार कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है।
मुख्य मार्ग से दूर, खेतों के बीच छिपाई गई थी फसल
पुलिस के अनुसार अवैध खेती मुख्य मार्ग से लगभग 2 किलोमीटर अंदर, अलग-अलग खेतों में की गई थी। आसपास सरसों, चना और गेहूं की फसल बोई गई थी, ताकि अफीम की खेती को छिपाया जा सके। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और साक्ष्य संकलित किए।

एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरे की तलाश
प्रारंभिक जांच में भूमि रामप्रसाद आदिवासी (22) निवासी पोड़ी तथा भगत सिंह आदिवासी के स्वामित्व/कब्जे में पाई गई। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई
तेंदूखेड़ा एसडीओपी अर्चना अहीर के नेतृत्व में थाना प्रभारी तेजगढ़ अरविंद सिंह ठाकुर, चौकी प्रभारी इमलिया अक्षयेंद्रनाथ महाकाल सहित पुलिस बल ने फसल को काटकर मजदूरों की सहायता से बोरियों में भरकर जब्त किया। संपूर्ण कार्रवाई वैधानिक प्रावधानों के तहत की जा रही है और इसे पूरा करने में अतिरिक्त समय लगने की संभावना है।
थाना प्रभारी का बयान
थाना प्रभारी अरविंद सिंह लोधी ने बताया कि मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। लगभग ढाई एकड़ में अफीम की खेती पाई गई है। संपूर्ण जब्ती के बाद ही बरामद अफीम की सटीक कीमत का आकलन हो सकेगा।
गौरतलब है कि अफीम की वैध खेती मुख्यतः क्षेत्र में लाइसेंस के तहत की जाती है, लेकिन दमोह जिले में इस तरह की अवैध खेती का मामला सामने आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बन गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश में जुटी है।
