तालाबों से सिंचाई पर प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से चल रहे मोटर पंप

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बम्होरी ग्राम पंचायत में आदेशों की अवहेलना, मवेशियों के लिए जल संकट की आशंका

दमोह। जिले में गर्मी के मद्देनज़र नदी, नालों एवं शासकीय तालाबों से सिंचाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था, ताकि भीषण गर्मी के दौरान मवेशियों के लिए जल स्रोत सुरक्षित रह सकें। यह आदेश जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर द्वारा मवेशियों और ग्रामीणों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया था।

इसके बावजूद तेंदूखेड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बम्होरी में प्रशासनिक आदेशों की खुली अवहेलना का मामला सामने आया है। दमोह रोड एवं वन विभाग डिपो के पास स्थित शासकीय तालाब से मोटर पंप लगाकर मूंग और उड़द की फसलों में दिन-रात सिंचाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति द्वारा मोटर पंप को घास में छिपाकर लगातार पानी निकाला जा रहा है।

स्थानीय निवासी दुर्गेश लोधी,तिलक सिंह के अनुसार, गांव के अधिकांश किसानों ने प्रशासनिक रोक के बाद गेहूं की फसल में सिंचाई बंद कर दी थी, लेकिन कुछ लोग आदेशों को दरकिनार कर मूंग-उड़द की फसलों में सिंचाई कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय चार पांच मोटर पंप तालाब पर लगाए जाते हैं और पूरी रात पानी खींचा जाता है।

ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि तालाब में वर्तमान में 20 प्रतिशत से भी कम पानी शेष है। यदि इसी गति से पानी निकाला जाता रहा तो आगामी 15 दिनों में जलाशय पूरी तरह सूख सकता है, जिससे मवेशियों के लिए गंभीर जल संकट उत्पन्न हो जाएगा।

गांव में यह भी चर्चा है कि सिंचाई का कार्य प्रभावशाली लोगों द्वारा किया जा रहा है, जिसके कारण सामान्य ग्रामीण शिकायत करने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने स्थानीय सरपंच एवं सचिव से मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है, किंतु अब तक कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है।

ऐसे में सवाल उठता है कि जब जिला प्रशासन ने स्पष्ट प्रतिबंध लगाया है, तो उसकी अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई कब होगी? यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली भीषण गर्मी में मवेशियों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
अनुविभागीय अधिकारी सौरभ गन्दर्भ से बात की तो उन्होंने बताया कि तालाब जल संसाधन विभाग के अधीन आता है उनसे बात करे, जल संसाधन विभाग के अधिकारी राम अवतार पटेल को फोन लगाया तो उन्होंने गोन नही उठाया

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