श्रीराम कथा में सीता स्वयंवर का वर्णन हुआ:भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु, भजनों की धुन पर थिरके श्रोता

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    कुलुवा गांव में यज्ञ व राम कथा का भव्य आयोजन श्रद्धालुओं की उमड़ रही भीड़

    धनकुमार विश्वकर्मा दमोह

      हर्रई तेजगढ़।दमोह==तेंदूखेड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कुलुआ (दिनारी) मैं श्री श्री 1008 श्री लोक कल्याण हेतु महा रूद्र यज्ञ एवं राम कथा का आयोजन किया जा रहा है जिसमें यज्ञ एवं हवन में आहुतियां देने दूरदराज से श्रद्धालु आ रहे हैं एवं यज्ञशाला की परिक्रमा लगाकर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं यह भव्य धार्मिक आयोजन समस्त ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासियों के सहयोग से किया जा रहा है। यह आयोजन श्री 1008 श्री दिगंबर कैलाशपुरी जी महाराज आश्रम मोहन करौदी कला दादा जी के सानिध्य में किया जा रहा है। एवं छोटे जय-जय सरकार अजब धाम दमोह महंत से कटरी अंबा पुरी महाराज आश्रम भावनाथ तलेटी गुजरात सौराष्ट्र जूनागढ़ ब्रह्मलीन, आदि शंकराचार्य जी नागा बाबा केदारनाथ भारती जी ममलेश्वर पूरी थानापति जूनागढ़, यज्ञ आचार्य पंडित दीपचंद गर्ग,शास्त्री ग्वारीघाट जबलपुर कथा वाचक पूजा भाग्य श्री देवी जी पुजारी पंडित अंकित पांडे जी जानकी रमन मंदिर के सानिध्य में इस यज्ञ राम कथा का आयोजन किया जा रहा है श्री शंभू पंचदस नाम आवाहन अखाड़ा काशी जूनागढ़,सभी के सानिध्य में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिसमें राम कथा का आयोजन भी किया जा रहा है कथावाचक पूजा भाग्य श्री देवी जी के मुखारविंद से राम कथा की जा रही है। कथा में तुलसीकृत रामायण जी के सीता स्वयंवर राम सीता विवाह और परशुराम लक्ष्मण संवाद का वर्णन किया। कथा वाचक पूज्या भाग्यश्री देवी ने कथा में बताया कि जनक जी ने अपनी बेटी सीता के विवाह के लिए धनुष यज्ञ का आयोजन रखा तो उसमें देश-विदेश के दूर-दूर से करीब 10 हजार राजा महाराजा शिव के धनुष को तोड़ने के लिए स्वयंवर में पहुंचे थे। रावण और बाणासुर जैसे महा योद्धा भी सीता जी से विवाह करने के लिए पूरी ताकत के साथ धनुष को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन धनुष तोड़ने की बात तो दूर बड़े-बड़े राजा महाराजा धनुष को हिला नहीं सके। रामचंद्र व लक्ष्मण भगवान की मनमोहक झांकी की सजाई गई जहां पर सीता स्वयंवर हुआ। भारी संख्या में श्रद्धालु भजनों की धुन पर ठरकी श्रोता जय श्री राम की जय कारों से गूंज उठा पंडाल भक्तों ने यज्ञ शाला में परिक्रमा लगाकर अपनी बुराइयों की आहुति लगाईं

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