EXPOSE : तेंदुखेड़ा में पुलिस मूकदर्शक! स्टेट हाईवे पर खुलेआम कब्जा, हादसे का इंतज़ार क्यों?तेंदुखेड़ा।
नगर तेंदुखेड़ा में कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यहां पुलिस का डर लोगों से पूरी तरह खत्म हो चुका है। स्थिति यह है कि घर के सामने से गुजरने वाले स्टेट हाईवे को निजी पार्किंग बना दिया गया है, जहां दिन-रात वाहन खड़े रहते हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।
स्टेट हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों की लगातार आवाजाही होती है, बावजूद इसके सड़क पर खड़े वाहनों को हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। आज साप्ताहिक बाजार होने के कारण हालात और भी भयावह हैं। दुकानदारों को दुकान लगाने की जगह नहीं मिल रही, राहगीर सड़क पर जान जोखिम में डालकर चलने को मजबूर हैं।
❓ तारादेही तिगड्डे पर खुला कब्जा, पुलिस की चुप्पी क्यों?
स्थानीय नागरिक नंदु केवट सहित अन्य लोगों ने बताया कि तारादेही तिगड्डे पर नीरज जैन की गाड़ी उनके घर के सामने सड़क पर हमेशा खड़ी रहती है। लोगों का आरोप है कि यह सीधा-सीधा सार्वजनिक सड़क पर कब्जा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि तेंदुखेड़ा पुलिस इस कथित दादागिरी पर एक शब्द भी बोलने को तैयार नहीं है।
🚨 क्या नियम सिर्फ आम जनता के लिए?
सवाल उठता है कि—
क्या स्टेट हाईवे पर वाहन खड़ा करना अब अपराध नहीं रहा?
क्या पुलिस किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है?
क्या प्रभावशाली लोगों के लिए नियम अलग हैं और आम नागरिक के लिए अलग?
नगरवासियों का कहना है कि ऐसे हालात सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि पूरे तेंदुखेड़ा नगर में जगह-जगह देखने को मिल जाएंगे। यह स्थिति पुलिस की लापरवाही या संरक्षण की ओर साफ इशारा करती है।
⚠️ हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?
यदि किसी दिन तेज रफ्तार वाहन से बड़ा हादसा होता है, किसी की जान जाती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा—
वाहन मालिक, पुलिस या पूरा प्रशासन?
अब देखना यह है कि तेंदुखेड़ा पुलिस और प्रशासन इस खुलासे के बाद जागता है या फिर किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही कार्रवाई होगी।


