तेंदुखेड़ा में थर्माकोल दोने का खुला उपयोग, पर्यावरण व मानव जीवन से खिलवाड़

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तेंदुखेड़ा (जिला दमोह)।
तेंदुखेड़ा नगर में पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ का मामला सामने आ रहा है। नगर के चाट-फुल्की, नाश्ते के ठेलों एवं कई दुकानों पर खुलेआम थर्माकोल (स्टायरोफोम) के दोने व डिस्पोज़ेबल का उपयोग किया जा रहा है, जबकि इसके दुष्प्रभावों को लेकर देशभर में लगातार चेतावनियाँ दी जा रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार थर्माकोल खतरनाक केमिकल्स से बनता है, जो आसानी से नष्ट नहीं होता और गर्म भोजन के संपर्क में आने पर हानिकारक तत्व छोड़ता है। लंबे समय तक ऐसे बर्तनों में भोजन करने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि कई बड़े शहरों में थर्माकोल व सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
इसके बावजूद तेंदुखेड़ा में इनका उपयोग धड़ल्ले से जारी है। आरोप है कि इस ओर नगर परिषद और पुलिस विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही, जिससे दुकानदारों और ठेला संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि
थर्माकोल दोने/डिस्पोज़ेबल का उपयोग तत्काल बंद कराया जाए।
जो किराना व थोक दुकानें ऐसे दोने बेच रही हैं, उन पर भी कठोर कार्रवाई हो।


वैकल्पिक पर्यावरण-अनुकूल बर्तनों (पत्तल, कागज़, बायोडिग्रेडेबल सामग्री) को बढ़ावा दिया जाए।
नगर में जागरूकता अभियान चलाकर आम लोगों और व्यापारियों को इसके दुष्परिणाम समझाए जाएँ।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इसका खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को बीमार पर्यावरण और खराब स्वास्थ्य के रूप में भुगतना पड़ेगा। अब देखने वाली बात होगी कि जिम्मेदार विभाग कब जागते हैं और इस गंभीर मुद्दे पर ठोस कार्रवाई करते हैं।
सी एम ओ पीयूष अग्रवाल ने बताया है कि इनका प्रयोग हानिकारक है इस पर हम सोमवार को जब्ती बनाकर चलानी कार्यवाही करेगे

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