नववर्ष पूर्व संध्या पर पार्टी/जलसा का आयोजन, तीव्र ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग आज 31 दिसम्बर 2025 दोपहर 12 बजे से 01 जनवरी 2026 रात्रि 12 बजे तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा-जिला मजिस्ट्रेट श्री कोचर
आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की
धारा 223 तथा अन्य समस्त प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही की जावेगी
जिले की भौगोलिक सीमाओं के अंतर्गत रानी दुर्गावती अभ्यारण्य एवं नौरादेही अभ्यारण्य कोर जोन एवं चिहिन्त ईको सिन्सेटिव जोन, अतिसंवेदनशील वन्य प्राणी बाहुल्य क्षेत्र को दृष्टिगत रखते हुये भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत संरक्षित क्षेत्र के समीप नववर्ष पूर्व संध्या पर पार्टी/जलसा का आयोजन, तीव्र ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग आज 31 दिसम्बर 2025 दोपहर 12 बजे से 01 जनवरी 2026 रात्रि 12 बजे तक जिला मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार कोचर ने पूर्णतः प्रतिबंधित किया है।
जिला मजिस्ट्रेट श्री कोचर द्वारा जारी आदेशानुसार इस अवधि के दौरान उक्त क्षेत्र में सड़क पर/जंगल/नदी के समीप किसी भी प्रकार की अनाधिकृत गतिविधि/पार्टी/शराब पीकर गाड़ी चलाने/10 से अधिक व्यक्तियों का जमावड़ा पाये जाने अथवा किसी भी प्रकार की गतिविधि जिसमें आमजन तथा सैलानियों को असुविधा/समस्या हो अथवा वन प्राणियों के दैनिक क्रिया-कलाप पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े अथवा किसी भी प्रकार के कानून एवं शांति व्यवस्था को बाधित किया जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 तथा अन्य समस्त प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही की जावेगी।
यह आदेश सर्व साधारण को सम्बोधित है एवं परिस्थितियां ऐसी है कि समय अभाव के कारण सर्व साधारण को सूचना तामील नहीं की जा सकती और न ही सर्व साधारण से आपत्तियां प्राप्त की जा सकती है। अतः यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(2) के अंतर्गत एक पक्षीय पारित किया जाता है। आदेश का प्रचार-प्रसार स्थानीय समाचार पत्रों/इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से कराया जाये।
ज्ञातव्य है प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 01 जनवरी 2026 को नये वर्ष का पर्व मनाया जायेगा । दमोह जिले की भौगोलिक सीमाओं के अंतर्गत रानी दुर्गावती अभ्यारण्य एवं नौरादेही अभ्यारण्य कोर जोन, बफर जोन एवं चिहिन्त ईको सिन्सेटिव जोन, अतिसंवेदनशील वन्य प्राणी बाहुल्य क्षेत्र आता है। वन्य प्राणियों के दैनिक क्रिया-कलापों एवं मानसिक संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े एवं यहां के आमजन की दैनिक गतिविधियां, आस-पास के लोगों तथा बाहर से आये सैलानियों को कोई असुविधा या समस्या न हो को दृष्टिगत रखते हुये यह आवश्यक है, कि संरक्षित क्षेत्र के समीप स्थापित होटल/लाज/रिसोर्ट आदि में तीव्र ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संचालन को नियंत्रित किया जाना एवं उक्त अवधि के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था लोक तथा सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो, जिससे लोक परिशांति भंग होने या लोक जन के मध्य विवाद की स्थिति निर्मित होने की संभावना उत्पन्न न होने पाये।

