दमोह जिले की राजस्व सीमा क्षेत्र में नायलोन मांझा (चायनीज मांझा) को पतंगबाजी में उपयोग करने को प्रतिबंधित-जिला मजिस्ट्रेट श्री कोचर
भंडारण तथा क्रय-विक्रय भी पूर्णतः प्रतिबंधित
आदेश का उल्लंघन करने पर दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध अन्य अधिनियमों के साथ
भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 तथा पर्यावरण (संरक्षण)
अधिनियम, 1986 की धारा-15 के अधीन वैधानिक कार्यवाही की जायेगी
दमोह जिले की सीमा में नायलोन मांझा सिंथेटिक मटेरियल से बने पक्के धागे, जिसे आमतौर पर चायनीज मांझा के रूप में जाना जाता है) के दुष्प्रभावों को रोके जाने, कानून एवं व्यवस्था तथा स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति व आमजन के जान-माल को आसन्न खतरा उत्पन्न होने की स्थिति को रोकने एवं अंकुश लगाये जाने की आवश्यकता को देखते हुये कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार कोचर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अन्तर्गत जन सामान्य के हित/जानमाल एवं लोक शांति को बनाये रखने के उद्देश्य से दमोह जिले की राजस्व सीमा में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।
जिला मजिस्ट्रेट श्री कोचर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है दमोह जिले की राजस्व सीमा क्षेत्र में नायलोन मांझा (चायनीज मांझा) को पतंगबाजी में उपयोग करने को प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही इसका भंडारण तथा क्रय-विक्रय भी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। उपरोक्त आदेश का परिपालन कराने का उत्तरदायित्व अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) का होगा। वे अपने क्षेत्र अधिकार अंतर्गत यथास्थिति मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका/नगर परिषद एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं थाना प्रभारी के माध्यम से नायलोन मांझा (चायनीज मांझा) के क्रय-विक्रय एवं भंडारण के संबंध में जांच एवं निरीक्षण कराते हुये कार्यवाही करना सुनिश्चित करेंगे।
यह आदेश तत्काल प्रभावी होगा और यदि इस आदेश को विखडित न किया जाये तो जारी तिथि से आगामी दो माह तक प्रभावशील रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध अन्य अधिनियमों के साथ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 तथा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा-15 के अधीन वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
यह आदेश सर्व साधारण को सम्बोधित है और चूकि यह आदेश जन सामान्य के जान-माल की सुरक्षा तथा भविष्य में लोकशांति भंग होने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है इसकी तामीली प्रत्येक व्यक्ति पर सम्यक रूपेण कराया जाना एवं सुनवाई किया जाना संभव नही है। अतः यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(2) के अंतर्गत एक पक्षीय पारित किया गया है। सार्वजनिक माध्यमों, इलेक्ट्रोनिक मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से सर्व संबंधितों को अवगत कराया जा रहा है।
ज्ञातव्य है राज्य शासन गृह (सी-अनुभाग) विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन भोपाल के पत्र क्रमांक 3202/आर.नं./1849428/2025/दो-सी-1 भोपाल दिनांक 23 दिसम्बर 2025 में लेख किया गया है, कि नायलोन मांझा के उपयोग से लोगों एवं पशु पक्षियों को कई बार घातक चोट पहुंचती है तथा मृत्यु की घटनांए भी प्रकाश में आई हैं। यह पदार्थ नान-बायोडिग्रेडेबल होने से लम्बे समय तक पर्यावरण को क्षति भी पहुंचाते है। इसके दुष्प्रभावों को रोके जाने के लिए तथा कड़ाई से पालन सुनिश्चित किये जाने के प्रयोजन से अधिसूचना जारी की गई है। निकट भविष्य में आने वाले मकर संक्रान्ति के त्यौहार के दृष्टिगत अधिसूचना में उल्लेखित निर्देशों का विशेष रूप से पालन किया जाना आवश्यक है।
पर्यावरण विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल की अधिसूचना क्रमांक 94-2024-छियासठ-1, दिनांक 02 फरवरी 2024 के अनुसार प्रदेश में मांझा के निर्माण, व्यापार, वाणिज्य, भण्डारण, क्रय, विक्रय एवं उपयोग आदि गतिविधियों को पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है।

