निःशुल्क विधिक सहायता बंदियों का अधिकार – न्यायाधीश अनुराग सिंह कुशवाह

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जिला जेल दमोह में विधिक साक्षरता शिविर संपन्न

दमोह: 19 दिसम्बर 2025‍

            राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वाधान में एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष सुभाष सोलंकी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह के मार्गदर्शन में जिला जेल दमोह में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। उक्त शिविर में जिला न्यायाधीश अनुराग सिंह कुशवाह, जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया, जेल अधीक्षक एम.एल. पटैल, आर. शरद मिश्रा, आर. हेमंत कुमार, तकनीकी सहायक पवन पटैल सहित निरूद्ध बंदीगण उपस्थित रहे।

            उक्त आयोजित शिविर में जिला न्यायाधीश अनुराग सिंह कुशवाह ने जेल में निरूद्ध बंदियों  को शासन द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता अंतर्गत जिला मुख्यालय में लीगल एड डिफेंस काउंसिल की नियुक्ति की गई है जिससे बंदियों को सक्षम निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध करायी जा सके। आपने बताया कि निःशुल्क विधिक सहायता बंदियों का अधिकार है जो तहसील न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक उपलब्ध करायी जाती है यदि बंदी को दंडित किया जाता है तो उस निश्‍चित समयावधि में वरिष्ठ न्यायालय में अपील करने का अधिकार है, साथ ही आपने बंदियों से खान-पान एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली।

            जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया द्वारा उपस्थित बंदियों को संबोधित करते हुये कहा कि ऐसे बंदी जो जमानत आदेश होने के बाद भी जमानत प्रस्तुत करने में अक्षम हैं, ऐसे बंदियों को ‘गरीब बंदियो की सहायता योजना’ के अंतर्गत सहायता उपलब्ध करायी जाती है। जेल में सप्ताह में 3 दिवस जेल विजिटिंग लॉयर भी लीगल एड क्लीनिक में उपस्थित होते हैं आप अपने प्रकरण की अद्यतन जानकारी उनसे भी प्राप्त कर सकते है।

            कार्यक्रम के अंत में बंदियों से पूछे गये प्रश्नो का समाधान सुझाया गया। कार्यक्रम का आभार प्रभारी जेल अधीक्षक एम.एल. पटैल द्वारा किया गया।           

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