पांडाझिर में बाल सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान
अनजान व्यक्तियों से दूरी और आत्म सर्तकता पर विशेष जोर
जन-सूचना (मुनादी) के माध्यम से दिए गए सुरक्षा संदेश
सुरक्षित वातावरण निर्माण की दिशा में अनुकरणीय पहल
दमोह : 16 दिसम्बर 2025
जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा के अंतर्गत आने वाली सहजपुर ग्राम पंचायत के पांडाझिर में बाल सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया हाल ही में आसपास के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं के साथ अपहरण के प्रयास की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए शासकीय माध्यमिक शाला, पांडाझिर द्वारा अपने विद्यालय कैचमेंट एरिया में एक व्यापक एवं प्रभावी बाल सुरक्षा जागरूकता अभियान संचालित किया गया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों, अभिभावकों एवं ग्रामीण समुदाय को सतर्क कर संभावित जोखिमों से बचाव हेतु आवश्यक जानकारी प्रदान करना रहा। विद्यालय द्वारा यह जागरूकता अभियान पांडाझिर ग्राम सहित आसपास के विभिन्न गांवों एवं 27 मील वसाहट क्षेत्र में चलाया गया। अभियान के दौरान जगह-जगह बच्चों एवं अभिभावकों को एकत्र कर उन्हें बाल सुरक्षा, आत्म-सतर्कता तथा सावधानियों के संबंध में विस्तार से समझाइश दी गई। विशेष रूप से विद्यालय द्वारा तैयार की गई प्रभावशाली वॉइस ऑडियो जन-सूचना (मुनादी) के माध्यम से संदेश प्रसारित किए गए, जिसमें बच्चों को किसी भी अनजान व्यक्ति से बातचीत न करने, लालच में न आने, अकेले सुनसान मार्गों से न जाने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा पुलिस को देने की अपील की गई।
अभियान के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि बाल सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। आम नागरिकों में जन-जागृति लाने, समाज को सजग करने तथा बच्चों को सही-गलत की पहचान सिखाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए विद्यालय के शिक्षकों ने इस अभियान का नेतृत्व किया और ग्रामीणों को सहयोग एवं सतर्कता का संदेश दिया।
इस जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षको में जितेन्द्र बागवार, अरविन्द बर्मन, दिनेश यादव, अमित भारद्वाज, दौलत सिंह, बलराम यादव, गुड्डा पाल, निज़ाम सिंह, सुरेंद्र सिंह, दीपक पटेल, राजेंद्र खैरवार, रजनी चौरसिया, मालती लोधी एवं मिथलेश यादव की सक्रिय सहभागिता रही। वहीं ग्राम स्तर पर गन्नू ठाकुर, रंजीत राय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे और अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विद्यालय परिवार ने अभिभावकों एवं नागरिकों से आग्रह किया, वे विद्यालय आने-जाने वाले मार्गों, विशेषकर एकांत एवं कम आवागमन वाले क्षेत्रों में बच्चों पर विशेष निगरानी रखें तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस अथवा विद्यालय प्रशासन को दें। यह पहल भय फैलाने के बजाय जागरूकता, सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी के माध्यम से बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण निर्मित करने की दिशा में एक अनुकरणीय पहल है।


