जनपद सीईओ मनीष बागरी का आकस्मिक निधन, तेंदूखेड़ा में शोक की लहर

0
Spread the love

तेंदूखेड़ा। जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) मनीष बागरी का बुधवार सुबह आकस्मिक निधन हो गया। उनके असामयिक निधन की खबर फैलते ही पूरे तेंदूखेड़ा क्षेत्र सहित दमोह जिले के प्रशासनिक अमले, जनप्रतिनिधियों, पंचायत कर्मचारियों और आम नागरिकों में शोक की लहर दौड़ गई। प्रारंभिक तौर पर हृदयगति रुकने (हार्ट अटैक) की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

जानकारी के अनुसार मंगलवार को जनसुनवाई सहित पूरे दिन शासकीय कार्यों में व्यस्त रहने के बाद मनीष बागरी तेंदूखेड़ा स्थित अपने शासकीय आवास पर ही रुके थे। बुधवार सुबह जब कार्यालय का कर्मचारी प्रतिदिन की तरह उन्हें उठाने पहुंचा तो कई बार आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद मनरेगा के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी राहुल गांगरा सहित अन्य अधिकारियों को सूचना दी गई। अधिकारियों ने तत्काल उन्हें तेंदूखेड़ा के शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में शोक छा गया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जो वर्तमान में कलेक्टर का प्रभार भी संभाल रहे हैं, दमोह एसडीएम, तेंदूखेड़ा एसडीओपी, थाना प्रभारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जिले के विभिन्न जनपद पंचायतों के सीईओ सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए जबलपुर ले गए। कुछ अधिकारी भी उनके साथ जबलपुर रवाना हुए।

घटना की जानकारी मिलते ही ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कर्मचारी भी स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। सभी ने दिवंगत अधिकारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।

मनीष बागरी का तेंदूखेड़ा से विशेष जुड़ाव रहा। उन्होंने वर्ष 2016 में पहली बार जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा के सीईओ के रूप में पदभार संभाला था। वर्ष 2019 में स्थानांतरण के बाद विभिन्न स्थानों पर सेवाएं देने के पश्चात वर्ष 2023 में पुनः तेंदूखेड़ा लौटे। अपने कार्यकाल में उन्होंने विकास कार्यों को गति देने, शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आमजन की समस्याओं के निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने सहज, मिलनसार और सहयोगी स्वभाव के कारण वे कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के बीच समान रूप से लोकप्रिय थे।

प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री एवं तेंदूखेड़ा विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी भी अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर तत्काल तेंदूखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की, शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया तथा शव को जबलपुर ले जाने के लिए तत्काल दयोदय गौशाला का वाहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराई।

राज्यमंत्री श्री लोधी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि “मनीष बागरी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करते थे। उनका आकस्मिक निधन प्रशासनिक सेवा और तेंदूखेड़ा क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति दें।”

बुधवार को जनपद पंचायत कार्यालय सहित पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना रहा। सोशल मीडिया पर भी उनके निधन की खबर तेजी से फैल गई। पहले लोगों ने इसे अफवाह समझा, लेकिन पुष्टि होने पर हर कोई स्तब्ध रह गया। सभी की जुबां पर एक ही बात थी—”कल ही तो उनसे मुलाकात हुई थी।”

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अब सभी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।

About The Author

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

हो सकता है आप चूक गए हों